तुनकमिजाज सपा नेता आजम खां को मनाने के क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार को उनके घर पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आजम खां के सपा कार्यकारिणी की बैठक में नहीं आने पर हुए विवाद को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खत्म करने को कोशिश में जुट गए हैं सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने आजम खान से तकरीबन 50 मिनट तक बातचीत की हालांकि पत्रकारों को इस बारे में बिना कुछ बताए ही वे वहां से निकल गए पढ़ें : आजम का गुस्सा.रूठने मनाने की पुरानी कहानी इससे पहले, बुधवार से होटल आइटीसी मुगल में शुरू हुई समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में पहले दिन सूबे के नगर विकास मंत्री आजम खां न आए तो स्थिति असहज जो गई थी पहले दिन डैमेज कंट्रोल के लिए पार्टी ने सब ठीक होने की बात कही पढ़ें: पांच कारण, जिससे आजम को नहीं छोड़ना चाहते मुलायम इसके बावजूद कार्यसमिति की बैठक और आजम खां के बीच की दूरी कम नहीं हुई सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने कई बड़े चेहरों ने इस पर नाराजगी जताई तब उम्मीद थी कि आजम खां, पार्टी मुखिया मुलायम सिंह से संपर्क करेंगे परंतु ऐसा नहीं हुआ इसके बाद गुरुवार का सूरज निकलने के साथ साथ ही पार्टी के कई दिग्गजों के तेवर भी धूप की तरह तीखे हो गए सबसे पहले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता प्रो. रामगोपाल यादव ने मोर्चा खोला उन्होंने आजम खां के सवाल पर कह दिया यदि वह दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे, तो इस्तीफा दे दें उनका बयान अभी सुर्खियों में आ भी न पाया था कि दूसरे महासचिव नरेश अग्रवाल ने भी आजम को बता दिया कि अब बात बिगड़ चुकी है उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी से बड़ा नहीं है ये दो बयान क्या आए, आगरा से लखनऊ तक सियासी गरमी बढ़ गई सवाल तीखे और कयास तेज हो गए, यह देख सपा ने चुप्पी साध ली बैठक में मंथन के बाद कोई नेता मीडिया के सामने नहीं आया सुबह अचानक तीखे तेवर दिखाने वाले नेता भी यहां तक कि बिना कुछ बोले निकल गए आखिर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव आगे आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ मीडिया से रूबरू हुए मुलायम सिंह ने सारे बयानों को पूरी तरह खारिज कर दिया कह दिया कि आजम किसी से नाराज नहीं हैं न आजम का पार्टी में कोई विरोध है