राम उस ओर है
वह दीन में खेलता है
वह बडा दिन है
वह बडा सुर है
वह बाघ गया हुआ है
बाग एक जानवर होता है
मेरी बुरी दिशा हो गयी है
मैं उस दशा में जा रहा हूँ
मात्र अपने पुत्र को प्रेम करती है
वह मुझे पथ कर रह है
वह मेरे गुर है
मुझे कई गुरु आते हैं
मैं उस वस्तु में रहता हूँ
ये सभी श्यम है
यह काफ़ी चीर है
उसने चिर दिया
वह एक साजन व्यक्ति है
तू किस कूल का है
ठीक कर्म में आना
सभी अपना क्रम करो
हमें अच्छी संघ करनी चाहिये
तू किस संग का है
इस अवधी में आ जाना
मुझे अवधि आती है
वह बहुत कढाई दिखाता है
उसे कड़ाई करनि आती है
आधी आने वाली है
मुझे आँधी रोटी दो
हम आदि चलते हैं
आम पक्का है
मेरा पका वादा रहा
जय मेरा सुत है
यह सूत का बना हुआ है
मेरे पास बहुत अर्थी है
मैं कमल से लिखता हूँ
कलम पानी में उगता है
सभी को सामान देखो
मेरा समान कहाँ है
वह काल आएगा
एक दिन कल सभी का आएगा
वह सभी की अपेक्षा करता है
मुझे उससे उपेक्षा है
वह अंतर जा रहा है
तेरा आभास कहाँ है
मुझे कुछ आवास हुआ
इसका आकर बड़ा है
यहाँ आकार देखो
मेरी चरम मुलायम है
वह चर्म पर है
यहाँ ज्वाला  लगा हुआ है
मेरी दावा दो
यह मेरी दावा है
वह नीयत है
तेरी नियत ठीक नहीं लग रही
तुम अवलंब आ जाओ
इसका अविलंब कहाँ है
सागर का कुल कहाँ है
मेज काट का बना हुआ है
लकड़ी को काठ दो
वह दुकान मैं है
में उसका दोस्त हूँ
उसने मुझे गधे से मारा
गदा घास खा रहा है
मेरा बाघ खा लो
हिंदी हमारी मात्र भाषा है
यह बोल किसका है
उत्तर बोल
वह बहुत शौक है
आपको यह विषद है
सांप बहुत विशद है
यह मेरा यत्र है
पंखा मद चल रहा है
