Elapsed time was 19.6202 seconds के दो भाग होते हैं मसूड़े 4 : दंतवेष्टि 1 : के बाहर रहनेवाला 43 : रहने वाला 13297019472 रहनेवाले 83 रहनेवाली 47 भाग दंतशिखर 1 : दंत शिखर 23500 कहलाता है और जबड़े 192 : बड़े 2865684 जब ड़े 29279 जुड़े 9192 के उलूखल 1 : उलूल 4 में स्थित गर्त 3024 : गर्भ 70819 गर्व 6325 में संनिहित 1 : सं निहित 76050 सन्निहित 26 अंश को दंतमूल 1 : दंत मूल 111907 दन्तमूल 2 कहते हैं शिखर और मूल का संधिस्थल 1 : संधि स्थल 817128 दंतग्रीवा 1 : दंत ग्रीवा 1692 है दाँत 880 : दांत 37700 दावत 2320 का मुख्य भाग दंतास्थित 1 : दंता स्थित 36819 है दंतास्थि 1 : दंता स्थि 27 विशेष रूप से आरक्षित न रहे तो घिस 54 : जिस 314648 किस 195132 घास 2008 जाय अतएव दंतशिखर 1 : दंत शिखर 23500 में यह एनैमल 1 : एनिमल 18 एनीमल 8 एनामल 4 नामक एक अत्यंत कड़े पदार्थ से ढकी 5544 : की 5043147694 ढक 6192 रहती है दंतमूल 1 : दंत मूल 111907 दन्तमूल 2 में दंतास्थित 1 : दंता स्थित 36819 का आवरण 5332 : आचरण 32205 आव रण 8798 सीमेंट करती है सीमेंट और जबड़े 480 : बड़े 3582105 जब ड़े 29279 जुड़े 9192 की हड्डी को बीच दंतपर्यास्थित 1 : होती है जो दाँत 330 : दांत 1740 दावत 725 को बाँधती 5 : बाँध ती 16371 बांधती 56 बाँधी 17 भी है और गर्त 6048 : गर्भ 283276 गर्व 158125 गर्म 31536 में दाँत 4400 : दांत 30160 दावत 6380 के लिये गद्दी 1970 : गद् दी 60747 का भी काम करती है दंतास्थि 1 : दंता स्थि 27 के अंदर दंतमज्जा 1 : दंत मज्जा 2021 होती है जो उस खोखले 118 : खोख ले 24626 खो खले 4688 खोले 327 हिस्से में रहती है जिसे दंतमज्जागुहा 1 : कहते हैं इस गुहा 230 : गुफा 371700 गु हा 10340 गुना 2284 में रुधिर 46 : रु धिर 1884 और लसिकावाहिकाएँ 1 : लसिका वाहिकाएँ 6 तथा तंत्रिकाएँ 1 : तंत्रिका एँ 52 तंत्रिकाएं 3 होती हैं ये दंतमूल 1 : दंत मूल 111907 दन्तमूल 2 के छोर पर स्थित एक छोटे से छिद्र 2220 : से दाँत 2200 : दांत 22330 दावत 12760 में प्रवेश करती हैं दाँत 330 : दांत 5220 एक जीवित वस्तु है अतएव इसे पोषण और चेतना की आवश्यकता होती है तंत्रिकाएँ 1 : तंत्रिका एँ 52 तंत्रिकाएं 3 दाँत 330 : दावत 725 दांत 580 को स्पर्शज्ञान 1 : स्पर्श ज्ञान 1714680 प्रदान करती हैं एनैमल 1 : एनिमल 18 एनीमल 8 एनामल 4 दाँत 220 : दांत 2900 दावत 1160 का सबसे कठोर और ठोस भाग है यह दंतशिखर 1 : दंत शिखर 23500 को ढकता 252 : सकता 294275268 एकता 176400 ढक ता 24510 है चर्वणतल 1 : चर्वण तल 476 पर इसकी परत सबसे मोटी और ग्रीवा 360 : के निकट अपेक्षाकृत पतली होती है एनैमल 1 : एनिमल 18 एनामल 8 एनीमल 8 की रचना षट्कोण 1 : षट् कोण 146 प्रिज़्मों 1 : से होती है जो दंतास्थि 1 : दंता स्थि 27 से समकोण 27 : सम कोण 29930 पर स्थित होते हैं एनैमल 1 : एनिमल 18 एनीमल 8 एनामल 4 में चूने 2700 : चलने 58043480 चू ने 2146508 चूहे 160776 के फॉस्फेट 9 : फास्फेट 44 कार्बोनेट 56 : कार्बो नेट 574 मैग्नीशियम 62 : फास्फेट 220 : तथा अल्प मात्रा में कैलिसयम 1 : कैलिस यम 8760 क्लोराइड 46 : होते हैं दंतास्थित 1 : दंता स्थित 36819 में घना 959 : बना 1382445 ना 651168 आना 343076 एकरूप 6 : एक रूप 175230958378 आधारद्रव्य 1 : आधार द्रव्य 964260 मेट्रिक्स 3 : मे ट्रिक्स 55032 मैट्रिक्स 4 और उसमें लहरदार 4 : लहर दार 31311 तथा शाखाविन्याससंयुक्त 1 : दंतनलिकाएँ 1 : होती हैं ये नलिकाएँ 1 : नलिका एँ 41 नलिकाएं 7 एक दूसरे से समानांतर 212 : होती हैं और अंदर की ओर दंतमज्जागुहा 1 : में खुलती 7632 : खुली 144400 खुल ती 37689 खुलते 10098 हैं इनके अंदर दंत 47 : अंत 1985 संत 703 दंड 378 तंतु 17 : तं तु 1659 जंतु 141 के प्रवर्ध 1 : प्रवर्धन 8 प्रवन्ध 5 प्रवर्ग 2 होते हैं दंतगुहा 1 : दंत गुहा 2162 में जेली 14 : जे ली 3833900 जेल 569184 खेली 8850 सी मज्जा 43 : लज्जा 284 सज्जा 105 भरी होती है इसमें ढीला 92 : लीला 676 शीला 273 ढील 216 संयोजक ऊतक 18 : तक 1572972 शतक 1236 होता है जिसमें रक्तवाहिका 1 : रक्त वाहिका 4445 और तंत्रिकाएँ 1 : तंत्रिका एँ 52 तंत्रिकाएं 3 होती हैं गुहा 92 : गुफा 61360 गु हा 10340 गुहार 3159 की दीवार के पास डेंटीन 4 : कोशिकाओं 3720 : की परत होती है और इन्हीं कोशों 57 : कोश ों 987 केशों 156 कोनों 126 के तंतु 68 : तं तु 1659 जंतु 94 दंतनलिका 1 : दंत नलिका 1927 में फैले रहते हैं सीमेंट की रचना हड्डी सी होती है पर इसमें रुधिरवाहिकाएँ 1 : रुधिर वाहिकाएँ 46 नहीं होतीं स्थायी दाँत 110 : दांत 580 दावत 145 चार प्रकार के होते हैं मुख में सामने की ओर या जबड़ों 4 : जोड़ों 38634 बड़ों 8512 जड़ों 1302 के मध्य मे छेदक 9 : छेद 342 छे दक 42 भेदक 16 दाँत 110 : दांत 1450 दावत 145 होते हैं ये आठ होते हैं चार ऊपर चार नीचे इनके दंतशिखर 1 : दंत शिखर 23500 खड़े होते हैं रुखानी 1 : रु खानी 62800 रुखा नी 260 रुमानी 10 के आकार सदृश 77 : ये दाँत 110 : दांत 580 दावत 145 ढालू 7 : ढा लू 2394 चालू 1044 लालू 531 धारवाले 1 : धार वाले 51447528 धा रवाले 17 कारवाले 4 होते हैं इनका समतल 100 : सम तल 48790 समता 133 किनारा 188 : कि नारा 53794000 किनारे 1388 किन ारा 1032 काटने के लिये धारदार 140 : धार दार 50268 होता है इनकी ग्रीवा 36 : ग् रीवा 132 सँकरी 5 : सँ करी 228 संकरी 94 सीकरी 32 तथा मूल लंबा एकाकी 95 : एका की 8938306 एक ाकी 113002 नुकीला 19 : नुकीले 36 नुकीली 24 अनुप्रस्थ 4 : अनु प्रस्थ 470 में चिपटा 14 : चि पटा 1715 लिपटा 1566 निपटा 952 और बगल में खाँचेदार 1 : खाँचे दार 71 खांचेदार 4 होता है भेदक 16 : भेद 5502 भे दक 42 भेदी 17 दाँत 220 : दांत 290 चार होते हैं छेदकों 1 : छेद कों 7866 छेदक ों 63 छेदों 24 के चारों ओर एक एक ये छेदक 9 : छेद 2394 छे दक 42 से बड़े और तगड़े 6 : झगड़े 3807 तगड़ा 129 तोड़े 49 होते हैं इनका दंतमूल 1 : दंत मूल 111907 दन्तमूल 2 लंबा और उत्तल 1 : उत्तर 1104153 उत्तम 5000 पत्तल 60 शिखर बड़ा शंकुरूप 1 : शंकु रूप 298928 शं कुरूप 240 ओठ 8 : ओर 432993 आठ 10516 छठ 9557 का पहलू उत्तल 1 : उत्तर 131583 उत्तम 4000 पत्तल 180 और जिह्वापक्ष 1 : जिह्वा पक्ष 162768 कुछ खोखला 1368 : खोला 21648 खो खला 7032 खोख ला 1930 और खुरदरा 30 : खुदरा 96672 होता है इनका छोर सिमटकर 24 : सिमट कर 1288480440 सिम टकर 218 कुंद 42 : कुंभ 125 कुंड 101 कुंदन 90 दंताग्र 1 : में समाप्त होता है और यह दंतपंक्ति 1 : दंत पंक्ति 29516 की समतल 400 : सम तल 48790 समता 1463 रेखा से आगे निकला होता है भेदक 8 : भेद 5502 भे दक 42 भेदी 17 दंतमूल 1 : दंत मूल 111907 दन्तमूल 2 शंकुरूप 1 : शंकु रूप 298928 शं कुरूप 240 एकाकी 95 : एका की 8938306 एक ाकी 113002 एवं खाँचेदार 1 : खाँचे दार 71 खांचेदार 2 होता है अग्रचर्वणक 1 : आठ होते हैं और दो दो की संख्या में भेदकों 1 : भेद कों 36156 भेदों 270 भेदक ों 56 के पीछे स्थित होते हैं ये भेदकों 1 : भेद कों 36156 भेदों 150 भेदक ों 56 से छोटे होते हैं इनका शिखर आगे से पीछे की ओर सिमटा 41 : सिम टा 2943 सिमट 232 चिमटा 124 होता है शिखर के माथे पर एक खाँचे 1 : खाँ चे 29945 ढाँचे 280 खांचे 216 से विभक्त 408 : वि भक्त 132038 विरक्त 507 दो पिरामिडल 1 : पिरा मिडल 46 पिरामिड 32 गुलिकाएँ 1 : होती हैं इनमें ओठ 8 : ओर 787260 आठ 34177 छठ 8048 की ओरवाली 1 : ओर वाली 334716710 घरवाली 616 रवाली 3 गुलिका 1 : गु लिका 44 गुटिका 10 गुलिया 3 बड़ी होती है दंतग्रीवा 1 : दंत ग्रीवा 1692 अंडाकार 16 : अंडा कार 264434 और दंतमूल 1 : दंत मूल 111907 दन्तमूल 2 एक होता है सिवा ऊपर के प्रथम अग्रचर्वणक 1 : के जिसमें दो मूल होते हैं चर्वणक 1 : चर्वण 2 स्थायी दाँतों 406 : दांतों 6800 दाँत ों 770 में सबसे बड़े चौड़े 55 : चौड़ी 100 चौड़ा 74 शिखरयुक्त 1 : शिखर युक्त 331500 तथा चर्वण 2 : क्रिया के लिये विशेष रूप से समंजित 6 : समं जित 60 होते हैं इनकी संख्या होती है अग्रचर्वणकों 1 : के बाद सब ओर तीन तीन की संख्या में इनका शिखर घनाकृति 1 : घना कृति 40415 का होता है इनकी भीतरी 656 : भी तरी 5452410 भीत री 4020 भीतर 3263 सतह उत्तल 1 : उत्तर 131583 उत्तम 4000 पत्तल 180 और बाहरी चिपटी 6 : चिप टी 61152 चि पटी 735 लिपटी 255 होती है दंत 94 : अंत 4259810 संत 621452 दांत 49010 के माथे पर चार या पाँच गुलिकाएँ 1 : होती हैं ग्रीवा 108 : ग् रीवा 132 स्पष्ट बड़ी और गोलाकार 480 : गोला कार 1601160 होती है प्रथम चर्वणक 1 : चर्वण 2 सबसे बड़ा और तृतीय अकिलदाढ़ 1 : अकिल दाढ़ 8 सबसे छोटा होता है ऊपर के जबड़े 288 : बड़े 7174372 जब ड़े 29279 जुड़े 18384 के चर्वणकों 1 : चर्वण कों 92 में तीन मूल होते हैं जिनमें दो गाल की ओर और तीसरा जिह्वा 336 : की ओर होता है तीसरे चर्वणक 1 : चर्वण 2 के सूत्र बहुधा 118 : बहु धा 4624 आपस में समेकित 444 : होते हैं नीचे के चर्वणकों 1 : चर्वण कों 92 में दो मूल होते हैं एक आगे और एक पीछे अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी प्रजाति 528 : प्र जाति 752444 प्रजा ति 7375 में दो या तीन विवादित जीवित जातियाँ 432 : जा तियाँ 32611 जाति याँ 30184 जातियां 609 हैं जबकि एशियाई हाथी प्रजाति 11792 : प्र जाति 752444 के अंतर्गत केवल एशियाई हाथी ही जीवित जाति है लेकिन इसे तीन या चार विवादित उपजातियों 27 : उप जातियों 3143550 उपजाति यों 9253 उपजा तियों 378 में विभाजित किया जा सकता है अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 404 अफ़्रीका 22 तथा एशियाई हाथी समान पूर्वज 432 : पूर्व 1498068 पूर्वी 1618 से क़रीब 98 : करीब 453891760 लाख वर्ष पूर्व विभाजित हो गये थे वे हाथी जो लॉक्सोडॉण्टा 1 : प्रजाति 11792 : प्र जाति 752444 के अंतर्गत आते हैं और सामूहिक रूप से अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी कहलाते 9976 : कह लाते 1503216 हैं वर्तमान में अफ़्रीकी 9 : अफ्रीकी 53328 अफ़्रीका 22 देशों में पाया जाता है अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी एशियाई हाथी से कई प्रकार से भिन्न होते हैं जिनमें सबसे स्पष्ट उनके बड़े कान होते हैं अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 808 अफ़्रीका 22 हाथी एशियाई हाथी से आकार में बड़े होते हैं और उनकी अवतल 1 : अव तल 10472 अतल 37 अवकल 4 पीठ होती है अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी में नर और मादा 7749 : माता 522264 माना 181400 दादा 98400 दोनों के हाथीदांत 5 : हाथी दांत 2231840 होते हैं और उनकी त्वचा में बाल भी कम होते हैं अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 808 अफ़्रीका 22 हाथी परंपरागत रूप से एक जाति के अंतर्गत दो उपजातियों 27 : उप जातियों 3143550 उपजाति यों 9253 उपजा तियों 378 में विभाजित किया गया है सवाना 1 : सवा ना 2029086 रवाना 2260 अवाना 228 का हाथी या अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 808 अफ़्रीका 22 बुश 64 : खुश 2105 बुक 538 बुध 443 हाथी तथा अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 404 अफ़्रीका 22 जंगली हाथी लेकिन हाल के डी एन ए परीक्षण बताते हैं कि वास्तव में यह दो अलग जातियाँ 108 : जा तियाँ 32611 जाति याँ 30184 हो सकती हैं लेकिन सभी विशेषज्ञों द्वारा यह तर्क मान्य नहीं है अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी की एक तीसरी जाति भी प्रस्तावित की गई है जिसे पश्चिमी हाथी की संज्ञा दी गई है अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 बुश 64 : खुश 2105 बुक 538 बुध 443 हाथी अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 404 अफ़्रीका 22 जंगली हाथी एशियाई हाथी विलुप्त 98 : वि लुप्त 43442 अमरीकी मॅस्टोडॉन 1 : तथा मैमथ 18 : मै मथ 45011 मैम 96 के डी एन ए विश्लेषण करने वाले वैज्ञानिकों सन् ई में इस निष्कर्ष में पहुँचे कि यकीनन 274 : यकीन 2884 अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 बुश 64 : खुश 2105 बुक 538 बुध 443 हाथी तथा अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 404 अफ़्रीका 22 जंगली हाथी दो अलग जातियाँ 864 : जा तियाँ 32611 जाति याँ 30184 हैं इस पुनःवर्गीकरण 1 : पुनः वर्गीकरण 105156 का संरक्षण की दृष्टि से बहुत महत्व है अभी तक हाथियों 6968 : साथियों 119743 हाथ ियों 8213 को एक ही जाति का मानकर पूरी आबादी का एक साथ ही आंकलन 1848 : आकलन 21400 संकलन 7904 किया जाता था लेकिन पुनःवर्गीकरण 1 : पुनः वर्गीकरण 105156 के बाद किसी जाति विशेष के हाथी की आबादी आंककर 3 : आंक कर 7794800 आं ककर 18 ढंककर 13 यह पता लगाने में सुविधा हो जायेगी कि किस जाति के हाथी को संरक्षण अधिक आवश्यकता है क्योंकि जिस हाथी की आबादी संकटग्रस्त 35 : संकट ग्रस्त 3592836 की परिभाषा की परिधि 728936 : में आती है उसके संरक्षण के लिए क़ानून 3392 : कानून 37862400 और सख़्त 147 : सख्त 59660 करने पड़ेंगे 2628 : पड़ें गे 3478 और अवैध शिकारियों 33 : शिकार ियों 1737 शि कारियों 240 और तस्करों 880 : को संकटग्रस्त 35 : संकट ग्रस्त 3592836 उस जाति के जानवरों या उनके शरीर के अंगों के व्यापार में रोक लगेगी अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 जंगली हाथी तथा अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 404 अफ़्रीका 22 बुश 64 : खुश 2105 बुक 538 बुध 443 हाथी परस्पर प्रजनन 280 : प्र जनन 7678 कर सकते हैं हालांकि जंगल में उनके पृथक् 80 : पृथक 654 परिवेषों 1 : परिवेष ों 35 परिवेशों 2 को अपनाये 2544 : अपना ये 3770027690 अपनाने 49776 अपनाया 26909 जाने के कारण ऐसे मौके कम ही मिलते हैं किन्तु बन्दी 87 : बन् दी 101245 बन्द 996 बन्दर 147 अवस्था में यह बात लागू नहीं होती है क्योंकि अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी को हाल ही में दो अलग जातियों का दर्जा मिला है ऐसा संभव है कि बन्दी 435 : बन् दी 101245 बन्द 4980 बन्दर 588 हालत के अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 808 अफ़्रीका 22 हाथी संकर 53 : सं कर 18999825 शंकर 1724 संकट 1706 हों दो नई प्रजातियों 4752 : प्र जातियों 198930 प्रजाति यों 85712 के वर्गीकरण के अंतर्गत लॉक्सोडॉण्टा 1 : ऍफ़्रिकाना 1 : केवल अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 बुश 64 : खुश 2105 बुक 538 बुध 443 हाथी या सवाना 1 : सवा ना 2029086 रवाना 565 अवाना 38 हाथी को इंगित 34160 : करता है जो भू प्राणियों में सबसे विशाल है नर कंधे तक मी से मी तक का होता है और वज़न 244 : वजन 328320 में कि से सूचित कि तक का हो सकता है मादा 1230 : माना 775485 माता 611160 मा दा 76500 थोड़ी छोटी होती है और कंधे तक क़रीब 49 : करीब 341272 मी तक ऊँची होती है अमूमन 3180 : अमू मन 10425 सवाना 1 : सवा ना 2029086 रवाना 565 अवाना 38 हाथी घास के खुले मैदानों 432 : मै दानों 177675 मैदान ों 14518 दलदल 405 : दल दल 93899808 दलाल 2190 दलील 666 और झील के किनारे पाये जाते हैं यह सवाना 1 : सवा ना 2029086 रवाना 565 बवाना 84 के पूरे क्षेत्र में पाया जाता है जो कि सहारा के दक्षिण में है दूसरी तथाकथित जाति अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 जंगली जंगल का हाथी लॉक्सोडॉण्टा 1 : साइक्लॉटिस 1 : सवाना 1 : सवा ना 2029086 रवाना 565 अवाना 38 हाथी से आमतौर पर छोटा और गठीला 14 : गठी ला 1930 गीला 648 होता है तथा उसके हाथीदांत 5 : हाथी दांत 2231840 पतले 420 : पहले 3054282 पत ले 123130 पीले 4236 और कम घुमावदार 49 : घुमाव दार 1278 होते हैं जंगल के हाथी का वज़न 1342 : वजन 184680 कि तक और कंधे तक की ऊँचाई 5148 : ऊंचाई 76196 क़रीब 49 : करीब 5884 मी हो सकते हैं अपने सवाना 1 : सवा ना 2029086 रवाना 565 अवाना 38 संबन्धियों 1 : सम्बन्धियों 210 संबन्ध ियों 35 की तुलना में इनके बारे में बहुत कम जानकारी है क्योंकि पर्यावरण और राजनीतिक कारणों से इसमें बाधा आती है प्रायः यह मध्य और पश्चिमी अफ़्रीका 176 : अफ्रीका 633072 के घने वर्षावनों 1 : वर्षा वनों 458925 वर्षावन ों 7 में रहते हैं लेकिन कभी कभी वनों की सीमाओं में भी विचरण 7245 : वि चरण 264504 वितरण 38040 करते हैं जिससे उनका आवासीय क्षेत्र सवाना 1 : सवा ना 2029086 रवाना 565 अवाना 38 हाथी के क्षेत्र से मिल जाता है जिससे संकरण 22 : सं करण 79560 संकरी 282 संक रण 212 हो सकता है सन् ई में यह अनुमान लगाया गया कि अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 606 अफ़्रीका 22 हाथियों 3082 : साथियों 56303 हाथ ियों 8213 की आबादी लाख की है यह अनुमान विवादास्पद है और यह मानना है कि यह अध्यागणन 1 : अध्या गणन 45 है लेकिन इसी तथ्य का व्यापक रूप से उल्लेख किया जाता है और अब यह वसुसतुतः 1 : आंकलन 154 : आकलन 3852 संकलन 2496 आंक लन 220 का आधार बन गया है जिसको ग़लत 120 : गलत 97184 ग़ लत 150 ढंग से दिखलाकर 6 : दिखला कर 31568940 दिख लाकर 546480 दिखाकर 456 जाति का निरंतर पतन परिमाणित 1 : परिमाण ित 312 किया जाता है सन् के दशक में अज्फ़्रीकी 1 : हाथियों 134 : हाथ ियों 8213 हाथि यों 1461 साथियों 793 कोअथी 1 : ने पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया क्योंकि अवैध शिकार के कारण पूर्वी अफ़्रीका 396 : अफ्रीका 255552 में इनकी आबादी निरंतर घटती 1352 : घट ती 25296 चली गई आइ 224 : आप 1522200 आज 1491336 आई 219285 यू सी एन की सन् ई की रिपोर्ट के मुताबिक जंगली परिवेष 10 : परिवेश 120650 परि वेष 4200 में लगभग से के बीच में अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 2222 अफ़्रीका 22 हाथी हैं हालांकि यह आंकड़ा भी हाथियों 7772 : साथियों 530517 हाथ ियों 8213 के कुल आवासीय क्षेत्र का लगभग आधा हिस्सा ही समाविष्ट 36 : समा विष्ट 4640 करता है विशेषज्ञ यह मानते हैं कि असली आंकड़ा इससे अधिक नहीं होगा क्योंकि इसकी संभावना कम है कि इसके अलावा हाथियों 3082 : साथियों 56303 हाथ ियों 8213 की कोई बड़ी आबादी खोजी 86 : खो जी 18399228 खोज 1468 खोली 182 जायेगी आजकल इनकी सबसे ज़्यादा आबादी दक्षिण तथा पूर्वी अफ़्रीका 396 : अफ्रीका 255552 में पाई जाती है जो कुल मिलाकर महाद्वीप 530 : महा द्वीप 174592 की अधिकांश आबादी है आइ 896 : आप 132634360 आज 73945410 आई 4020225 यू सी एन के विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण तथा पूर्वी अफ़्रीका 44 : अफ्रीका 189728 की बड़ी आबादी स्थिर है और के दशक के मध्य से प्रति वर्ष औसतन की दर से बढ़ती भी जा रही है दूसरी तरफ़ पश्चिमी अफ़्रीका 198 : अफ्रीका 255552 में हाथी की आबादी छोटी तथा बंटी 105 : बेटी 9896 बं टी 3822 बंधी 756 हुयी है और महाद्वीप 636 : महा द्वीप 174592 के बहुत छोटे अनुपात को दर्शाती 94500 : दर्शाता 2937600 है मध्य अफ़्रीका 44 : अफ्रीका 569184 की आबादी के बारे में बहुत अनिश्चित्ता 1 : अनिश्चितता 2718 अनिश्चि त्ता 2 बनी हुयी है जहाँ जंगलों के कारण आबादी का सर्वेक्षण करना कठिन कार्य है परन्तु यह ज्ञात है कि वहाँ हाथीदांत 10 : हाथी दांत 2231840 के अवैध शिकार तथा हाथी के मांस के लिए उनका धड़ल्ले 3306 : से शिकार किया जा रहा है दक्षिण अफ़्रीका 2376 : अफ्रीका 77815584 में हाथी की आबादी दुगुने 65 : दु गुने 27240 दोगुने 312 से ज़्यादा हो गयी है और यह संख्या सन् में हाथीदांत 10 : हाथी दांत 2231840 के व्यापार में पाबन्दी 42 : पा बन्दी 234204 लगाने के बाद से बढ़कर से अधिक हो गई है दक्षिण अफ़्रीका 264 : अफ्रीका 589512 अन्य जगह नहीं में यह पाबन्दी 42 : पा बन्दी 234204 फरवरी को हटा दी गई जो पर्यावरण गुटों 5166 : गुणों 13450 में विवाद का विषय बन गया है एशियाई हाथी ऍलिफ़स 1 : मैक्सिमस 1 : मैक्सिस 35 मैक्सिमम 12 मैक्सिम 9 अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी से छोटा होता है इसके कान छोटे होते हैं और अधिकांश रूप से केवल नर में हाथीदांत 5 : हाथी दांत 2231840 पाये जाते हैं दुनिया भर में एशियाई हाथी की जिनहें 1 : जिन हें 633360 जिन्हें 63008 जिनमें 62865 भारतीय हाथी भी कहा जाता है आबादी आंकी 1425 : आं की 2331732 आपकी 3186 गई है जो अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी का दसवां 972 : दस वां 2631860 भाग है अधिक सटीक यह अनुमान लगाया गया है कि एशिया में जंगली हाथी क़रीब 294 : करीब 2059400 से हैं तथा पालतू 105 : पाल तू 1733166 फालतू 152 हाथी से लेकर हैं और तक़रीबन 12 : तकरीबन 5512 हाथी दुनिया भर के चिड़ियाघरों 1 : चिड़िया घरों 217952 चिड़ियाघर ों 175 में हैं एशियाई हाथी की आबादी का पतन अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी की तुलना में धीरे हुआ है और इसके प्रमुख कारण हैं अवैध शिकार तथा मनुष्यों द्वारा उनके क्षेत्रों को हड़प 108 : तड़प 243 जाना जयपुर भारत में एक सुसज्जित 375 : सु सज्जित 1472 हाथी श्री लंका में हाथियों 22780 : साथियों 272792 का अनाथाश्रम 2 : एशियाई हाथी की कई उपजातियाँ 1 : उप जातियाँ 59562 उपजाति याँ 266 उपजा तियाँ 42 मौर्फ़ोमीट्रिक 1 : तथा मौलिक्यूलर 1 : डाटा 151 : डा टा 52785 डाला 1312 टाटा 863 प्रणालियों 388 : द्वारा पहचानी 328 : पहचान 41952 पहचाना 723 गई हैं ऍलिफ़स 1 : मैक्सिमस 1 : मैक्सिस 35 मैक्सिमम 12 मैक्सिम 9 मैक्सिमस 1 : मैक्सिस 35 मैक्सिमम 12 मैक्सिम 9 श्री लंकाई 1 : लंका 2010 लंबाई 134 लं काई 91 हाथी केवल श्री लंका के द्वीप में पाया जाता है वह एशियाई हाथियों 938 : साथियों 14274 हाथ ियों 8213 हाथि यों 1461 में सबसे बड़ा है एक अनुमान के मुताबिक इनकी जंगलों में संख्या से तक आंकी 2850 : आं की 2331732 आपकी 54162 आतंकी 2964 गई है हालांकि हाल में कोई सर्वेक्षण नहीं हुआ है बड़े नर हाथी कि के लगभग वज़नी 10 : वजनी 152 वज़न 61 होते हैं तथा कंधे तक मी तक ऊँचे होते हैं नरों 10 : घरों 1467840 दरों 58080 नगरों 18507 के माथे पर बहुत बड़े उभार 126 : उदार 2690 उतार 1810 भार 607 होते हैं और दोनों लिंगों 42 : लिंग ों 2275 लिं गों 45 में अन्य एशियाई हाथियों 3082 : साथियों 56303 हाथ ियों 8213 की तुलना में रंजकता 3 : रंजक ता 6650 रंज कता 465 रंजीता 8 क्षीण 2282 : होती है विशेषतयः 1 : विशेषत यः 1212 विशेषतया 64 विशेषतः 36 इनके सूंड़ 9 : सूं ड़ 306 सूंड 34 सांड़ 18 कान मुँह तथा पेट में हल्के ग़ुलाबी 1 : गुलाबी 74592 ग़ुलामी 7 ग़ुलाब 4 रंग के चित्ते 1 : चित् ते 3610 चित्त 2384 चि त्ते 70 पड़े होते हैं पिन्नावाला 1 : श्री लंका में हाथियों 22780 : साथियों 272792 का अनाथाश्रम 2 : है जो इनको विलुप्त 2352 : वि लुप्त 43442 होने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता 214032 : है एशियाई हाथी की आबादी का बड़ा हिस्सा बनाता है क़रीब 147 : करीब 15357240 ग़रीब 246 की आबादी वाले ये हाथी हल्के स्लेटी 136 : स् लेटी 10115 सलेटी 250 रंग के होते हैं तथा इनके केवल कानों और सूंड 68 : सांड 440 सूंघ 100 में रंजकता 3 : रंजक ता 6650 रंज कता 465 रंजीता 8 क्षीण 2282 : होती है बड़े नर अमूमन 159 : अमू मन 10425 कि वज़नी 10 : वज़न 122 वजनी 76 होते हैं लेकिन श्री लंकाई 1 : लंका 2010 लंबाई 134 लं काई 91 हाथी जितने ऊँचे होते हैं मुख्य भू भागीय 1 : भाग ीय 61474 भाग्य 677 भा गीय 414 हाथी भारत से लेकर इंडोनेशिया 5215 : तक एशियाई देशों में पाया जाता है इनको जंगली इलाके परिवर्ती 9 : परिवर्तन 2036 परि वर्ती 840 परवर्ती 55 अंचल जो कि जंगलों और घास के मैदानों 8424 : मै दानों 177675 मैदान ों 14518 के बीच होते हैं पसन्द हैं क्योंकि वहाँ इनको भोजन में अधिक विविधता मिल जाती है ऍलिफ़स 1 : मैक्सिमस 1 : मैक्सिस 35 मैक्सिमम 12 मैक्सिम 9 सुमात्रेनस 1 : या सुमात्रा 63 : सु मात्रा 99636 का हाथी केवल सुमात्रा 21 : सु मात्रा 99636 सुमित्रा 74 ही में पाया जाता है यह भारतीय हाथी से छोटा होता है इनकी संख्या से के बीच आंकी 5700 : आं की 2331732 आपकी 6372 गई है यह भारतीय हाथी से भी हल्के रंग का होता है और इसकी रंजकता 3 : रंजक ता 6650 रंज कता 465 रंजीता 8 अन्य एशियाई हाथियों 3082 : साथियों 56303 हाथ ियों 8213 की तुलना में कम क्षीण 2282 : होती है तथा सिर्फ़ कानों पर ग़ुलाबी 1 : गुलाबी 3626 ग़ुलामी 14 ग़ुलाब 4 धब्बे 248 : होते हैं वयस्क 654 : सुमात्राई 1 : सुमात्रा 21 हाथी अमूमन 159 : अमू मन 10425 कंधे तक केवल से मी ऊँचा होता है तथा वज़न 244 : वजन 41040 में कि से कम होता है यह अपने एशियाई तथा अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 404 अफ़्रीका 22 रिशतेदारों 12 : रिश्तेदारों 6275 से काफ़ी छोटा होता है और केवल सुमात्रा 42 : सु मात्रा 99636 द्वीप के उन क्षेत्रों में पाया जाता है जहाँ या तो जंगल हों या पेड़ों की झुरमुट 38 : हो जिम 3744 : जिस 442208 जिन 36540 कॉर्बेट 364 : राष्ट्रीय उद्यान 500940 : में नर हाथी सन् ई में बोर्नियो 1 : द्वीप में एक अन्य उपजाति 19 : उप जाति 7134204 उपजा ति 1050 पहचानी 328 : पहचान 10488 गई है इसको बोर्नियो 1 : पिग्मी 1 : पिग्गी 5 हाथी के नाम से नवाज़ा 1078 : नवाजा 1330044 गया है और अन्य एशियाई हाथियों 3082 : साथियों 56303 हाथ ियों 8213 की तुलना में यह ज़्यादा छोटा और कम आक्रामक होता है इसके अपेक्षाकृत बड़े कान और पूँछ 138 : पूछ 8520 पूंछ 484 होते हैं और इसके हाथीदांत 5 : हाथी दांत 2231840 भी अधिक सीधे होते हैं हाथी अपनी सूंड 102 : या तो चेतावनी देने के लिए या फिर मित्र अथवा शत्रु सूंघने 114 : सूंघ ने 7666100 सूं घने 7650 के लिए उठाता 17472 : उठाया 3303300 उठता 2099196 उठा ता 497990 है हाथी अपनी सूंड 102 : सांड 110 का इस्तेमाल कई कार्यों के लिए करता है सूंड 34 : सांड 165 सूंघ 50 हाथी की नाक और उसके ऊपरी होंठ 344 : हों 30548 की संधि है और लंबी हो जाने के कारण यह हाथी का सबसे महत्वपूर्ण तथा कार्यकुशल 9 : कार्य कुशल 16297005 अंग बन गया है अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथियों 3082 : साथियों 56303 हाथ ियों 8213 की सूंड 952 : के छोर में दो अंगुलिनुमा 1 : अंगुलि नुमा 120 उभार 126 : उदार 1345 उतार 905 भार 607 होते हैं जबकि एशियाई हाथियों 938 : साथियों 14274 हाथ ियों 8213 हाथि यों 1461 में केवल एक ही उभार 126 : उतार 12670 उभर 2513 भार 1821 होता है एक तरफ़ तो हाथी की सूंड 238 : इतनी संवेदनशील होती है कि घास का एक तिनका 1944 : तिन का 4295052 जिनका 2040 भी उठा लेती है तो दूसरी तरफ़ इतनी मज़बूत 80 : मजबूत 260848 भी होती है कि पेड़ की टहनियाँ 6 : टहनियां 39 भी उखाड़ 1188 : ले अधिकांश शाकाहारी 360 : शाका हारी 556 पशुओं के दाँतों 1856 : दांतों 76160 की संरचना इस प्रकार की होती है कि वह पौधे के विभिन्न भागों को काट फाड़ 101 : फा ड़ 648 फोड़ 204 सकें जबकि हाथियों 938 : साथियों 14274 हाथ ियों 8213 हाथि यों 1461 में बीमार और बहुत छोटे बच्चों के अलावा हाथी पहले अपनी सूंड 714 : से खाना फाड़ता 9 : फाड़ ता 19190 फाड़ा 18 है और फिर उस निवाले 14 : नि वाले 12837660 निवा ले 24626 निकाले 353 को अपने मुँह में पहुँचाता 187 : पहुँचा ता 68780 पहुंचाता 9440 पहुँचता 7700 है वह सूंड 136 : सांड 220 के द्वारा घास चरता 10 : करता 98430000 चलता 2629951 भरता 17181 है या फिर ऊपर पेड़ से पत्तियाँ 66 : पत्तियां 912 फल या समूची 139 : सूची 1615 समूचे 282 शाखायें 26 : शाखा यें 4571 शा खायें 665 तोड़ लेता है अगर पेड़ में भोजन उसकी सूंड 34 : सांड 330 सूंघ 50 की पहुँच से भी परे है तो हाथी अपनी सूंड 102 : पेड़ के तने 3920 : ने 69914832 आने 49956480 बने 5346334 या शाखा में लपेटकर 512 : लपेट कर 949406640 ज़ोर 10530 : जोर 1171001 से झिंझोड़ता 1 : झिंझोड़ ता 1140 झिंझोड़ते 2 झिंझोड़ा 2 है ताकि फल इत्यादि नीचे टपक 264 : टिक 1392 पटक 348 जाये या कभी कभी पूरे का पूरा पेड़ ही उखाड़ 297 : देता है हाथी सूंड 34 : सांड 110 सूंडी 51 सूंघ 50 का इस्तेमाल पानी पीने के लिए भी करता है नहाने के लिए भी हाथी इसी विधि का इस्तेमाल करता है नहाने के बाद अपने गीले 210 : गी ले 258573 गले 28250 पीले 706 शरीर में हाथी सूंड 238 : से मिट्टी छिड़क 18 : छिड़ 28 छिड़ी 26 लेता है जो सूखकर 17 : सूख कर 341996850 सू खकर 156 सीखकर 60 उसकी त्वचा के ऊपर पपड़ी 9 : पड़ी 2804 पगड़ी 118 पकड़ी 93 का रूप ले लेती है और उसकी तेज़ धूप तथा परजीवियों 15 : पर जीवियों 526656 से सुरक्षा करती है अन्य स्तनपाइयों 1 : स्तन पाइयों 132 की तरह सिवाय इन्सान और वनमानुष 5 : वन मानुष 164772 के जिन्हे 104 : जिन्हें 3938 सीखना पड़ता है हाथी भी बहुत अच्छा तैराक 52 : तै राक 384 तैर ाक 214 होता है तैरते 288 : तैर ते 20330 समय हाथी अपनी सूंड 102 : सांड 110 का इस्तेमाल स्नॉरकॅल 1 : की तरह करता है सूंड 34 : सांड 165 सूंघ 50 हाथी के सामाजिक कार्यकलापों 1476 : कार्य कलापों 7343376 के ऊपर भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है संबन्धी 7 : सम्बन्धी 1362 सं बन्धी 975 संबन्ध 35 अपनी सूंडें 1 : सूंड ें 68 सूंडों 4 एक दूसरे से लपेटकर 64 : लपेट कर 949406640 अभिवादन 115 : अभि वादन 27772 करेंगे जैसा मनुष्य हाथ मिलाकर करते हैं इसका इस्तेमाल वह खेल करते हुए कुश्ती 6528 : में मिलन से पहले माँ तथा बच्चे के सम्बन्ध में तथा अन्य कार्यकलापों 3198 : कार्य कलापों 7343376 में भी करते हैं उठी हुयी सूंड 34 : सांड 55 सूंघ 50 चेतावनी या धमकी हो सकती है जबकि सिर नीचे करके झुकी 74 : झु की 388622 चुकी 3928 झुका 208 हुयी सूंड 34 : सांड 55 सूंघ 50 समर्पण का संकेत हो सकती है दुश्मन को हाथी अपनी सूंड 714 : से लपेटकर 64 : लपेट कर 949406640 फेंक सकता है हाथी की सूंड 238 : में मनुष्य से कई गुणा 68796 : गुना 6789190 अधिक घ्राण 39 : प्राण 16434 घ् राण 112 शक्ति होती है और वह अपनी सूंड 204 : ऊपर उठाकर तथा दाहिने 1086 : बायें 564 : बातें 3877 बा यें 1358 जायें 663 समुद्री दूरबीन 54 : दूर बीन 817071 दू रबीन 89 पॅरिस्कोप 1 : की तरह लहराकर 12 : लहरा कर 45209840 हराकर 1866 अपने खाद्य स्रोत मित्र तथा शत्रु का पता लगा लेता है हाथी के हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 उसके दूसरी ऊपरी छेदक 9 : छेद 171 छे दक 42 भेदक 16 दाँत 110 : दांत 1450 दावत 145 होते हैं हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 हाथी के जीवनकाल 30820 : जीवन काल 2047251114 में निरन्तर बढ़ते रहते हैं एक वयस्क 1417 : नर के हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 लगभग एक वर्ष में से मी की दर से बढ़ते रहते हैं हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 पानी लवण 303 : लव 529 तथा मूल खोदने 2624 : खोद ने 15025556 खोलने 116864 खोजने 15282 के काम आते हैं इसके अलावा पेड़ों की छाल 4048 : साल 652416 हाल 145692 लाल 141768 छीलने 12 : छील ने 4293016 छीनने 308 छी लने 159 और अपने लिए रास्ता तैयार करने में भी हाथीदाँत 4 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 10 का बड़ा योगदान होता है इसके अलावा हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 अपनी परिधि 815 : जताने 6344 : जाने 74603760 जता ने 24378198 बताने 148051 के लिए पेड़ों में निशानदेही 92 : निशान देही 28336 के लिए तथा कभी कभार अस्त्र 13561 : शस्त्र के लिए भी इस्तेमाल में लाए जाते हैं जैसे मनुष्य दायाँ 14 : दा याँ 3570 दायां 26 बायाँ 20 या बायाँ 80 : बा याँ 2716 बायां 1260 दायाँ 112 हाथ का इस्तेमाल करने वाला होता है उसी प्रकार हाथी भी आमतौर पर दायाँ 42 : दा याँ 3570 या बायाँ 20 : बा याँ 2716 बायां 105 बयाँ 33 हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 इस्तेमाल करता है मुख्य हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 अमूमन 159 : अमू मन 10425 थोड़ा छोटा होता है और उसके छोर कुछ गोल होते हैं क्योंकि उस हाथीदाँत 4 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 10 का ज़्यादा इस्तेमाल हुआ होता है नर और मादा 1107 : माता 261132 माना 90700 मा दा 76500 अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी के लम्बे हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 होते हैं जो वयस्क 218 : अवस्था में मी तक लम्बे और कि तक वज़नी 5 : वज़न 122 वजनी 114 हो सकते हैं एशियाई हाथियों 938 : साथियों 14274 हाथ ियों 8213 हाथि यों 1461 में सिर्फ़ नर के लम्बे हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 होते हैं मादा 6888 : माता 26918820 माना 1124680 माया 637686 के बहुत छोटे या अमूमन 795 : अमू मन 10425 नहीं होते हैं एशियाई नर के अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 808 अफ़्रीका 22 नर जितने लम्बे हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 हो सकते हैं लेकिन वह बहुत पतले 1260 : पहले 613910682 पत ले 123130 पतली 9252 और हल्के होते हैं आज तक सबसे वज़नी 5 : वज़न 122 वजनी 76 कि का आंका 2074 : आं का 1431684 आपका 37648 आशंका 2844 गया है हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 5 में नक्काशी 74 : नक् काशी 842 सरलतापूर्वक 9 : सरलता पूर्वक 394744 सर लतापूर्वक 1830 सफलतापूर्वक 170 हो जाती है अतः कलाकारों ने इसे महत्ता 370 : महत् ता 2470 दी जिसके कारण भारी सङ्ख्या 1 : सन्ख्या 6 में विश्व में हाथियों 22780 : साथियों 272792 का विनाश हुआ अन्य स्तनपाइयों 1 : स्तन पाइयों 132 के विपरीत जिनके दूध के दाँत 1320 : दांत 12470 झड़ने 7 : झड़ ने 2606474 लड़ने 27520 पड़ने 9525 के बाद स्थाई दाँत 110 : दांत 870 दावत 145 आ जाते हैं हाथी के दाँत 1320 : दांत 12470 निरन्तर बदली होते रहते हैं लगभग एक वर्ष की आयु में हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 10 के अग्रगामी 10 : अग्र गामी 574 दूध के दाँत 1320 : दांत 12470 झड़ 34 : पड़ 103785 उड़ 5372 लड़ 1074 जाते हैं और हाथीदाँत 2 : हाथी दाँत 390720 हाथीदांत 10 उगने 54 : उग ने 23458266 लगने 12160 उसने 10801 लग जाते हैं किन्तु चबाने 49 : चबा ने 9659286 चलाने 165876 बचाने 20706 वाले दाँत 110 : दांत 870 दावत 145 अग्रचर्वणक 1 : तथा चर्वणक 1 : चर्वण 2 एक हाथी की आयु में क़रीब 196 : करीब 350027392 पांच बार या बहुत विरले 2430 : विर ले 36939 ही छः 198 : छह 36900 छत 20450 छठ 3521 बारबदली 1 : बार बदली 7489405 होते हैं एक बार में केवल चार चबाने 49 : चबा ने 9659286 चलाने 165876 बचाने 20706 वाले दाँत 110 : दांत 870 दावत 145 अग्रचर्वणक 1 : तथा अथवा चर्वणक 1 : चर्वण 2 एक एक दोनों जबड़ों 4 : जोड़ों 6439 बड़ों 4256 जड़ों 651 के दोनों तरफ़ प्रयोग में लाये जाते हैं या केवल दो क्योंकि जबड़े 48 : बड़े 142268 जब ड़े 29279 जुड़े 3064 के हर हिस्से में दूसरा दाँत 110 : दांत 290 दावत 145 पहले को बदली कर रहा होता है मानव दाँतों 870 : दांतों 4760 के विपरीत पक्के 170 : पक् के 584675 पक्का 302 पक्की 273 दाँत 110 : दांत 290 दावत 145 दूध के दाँतों 1392 : दांतों 59840 को ऊपर की तरफ़ से नहीं धकेलते 126 : धकेल ते 21850 हैं वरन् 1692 : वरना 30788 वर न् 8829 वरन 2101 नये दाँत 220 : दांत 290 मुख के पिछले भाग में उगते 29835 : लगते 48875000 उठते 933660 हैं तथा पुराने दाँतों 348 : दांतों 3740 दाँत ों 770 को आगे की तरफ़ धकेलते 126 : धकेल ते 21850 हैं जहाँ पुराने दाँत 110 : दांत 2030 दावत 145 टूट टूट कर गिर जाते हैं अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 808 अफ़्रीका 22 हाथियों 938 : साथियों 14274 हाथ ियों 8213 हाथि यों 1461 में जन्म से ही चबाने 49 : चबा ने 9659286 चलाने 995256 बचाने 41412 वाले दाँतों 348 : दांतों 4080 दाँत ों 770 का पहला समूह सॅट 1 : सेट 1737 सीट 979 सूट 185 अग्रचर्वणक 1 : मौजूद होता है जब शावक 29 : शासक 471 शा वक 76 धावक 42 दो वर्ष का होता है तो दोनों जबड़ों 4 : जोड़ों 6439 बड़ों 4256 जड़ों 651 के दोनों तरफ़ का पहला चबाने 98 : चबा ने 9659286 चलाने 25242 बचाने 23142 वाला दाँत 110 : दांत 870 दावत 145 गिर जाता है यही प्रक्रिया दूसरे चबाने 49 : चबा ने 9659286 चलाने 165876 बचाने 20706 वाले दाँतों 870 : दांतों 9520 के समूह के साथ छः 1188 : छह 1134675 छत 5726 छल 3346 वर्ष की आयु में होती है से वर्ष की आयु तक तीसरा दाँतों 348 : दांतों 2040 दाँत ों 770 का समूह भी जाता रहता है तथा चौथा समूह वर्ष की आयु में झड़ 17 : पड़ 17900082 उड़ 104280 लड़ 7160 जाता है पाँचवा 8 : पाँच वा 145965 पांचवा 150 पाँचवाँ 20 समूह हाथी की वर्ष की आयु तक चलता है कदाचित 640 : कदा चित 10744 छठा 86 : उठा 2621 छठ 503 छा 418 समूह हाथी के जीवन के अन्त तक चलता है यदि हाथी वर्ष की आयु से अधिक जीवित रह जाता है तो चर्वणक 1 : चर्वण 2 का आख़िरी 240 : आखिरी 94941 समूह भी घिस 972 : जिस 306144 किस 72114 घुस 6860 घिस 3240 : घुस 29400 किस 21210 जिस 17008 कर ठूंठ 29 : ठूंस 32 भर रह जाता है तथा हाथी भली भांति खा भी नहीं सकता है हाथियों 13936 : साथियों 1197430 को बोलचाल 25376 : बोल चाल 17081520 की भाषा में हाथी अपने मूल वैज्ञानिक वर्गीकरण से कहा जाता है जिसका अर्थ मोटी चमड़ी 1287 : के जानवरों से है इसके शरीर का अधिकांश भाग अत्यंत कठोर होता है हालांकि मुंह और कान के भीतर के चारों ओर त्वचा काफ़ी पतली होती है आम तौर पर एक एशियाई हाथी की त्वचा में अपने अफ्रीकी रिश्तेदार से अधिक बाल होते हैं युवा हाथी में यह फ़र्क 57 : फर्क 10087 अधिक नज़र आता है एशियाई शावकों 14 : शासकों 9159 शावक ों 203 शावको 20 की त्वचा अमूमन 159 : अमू मन 10425 कत्थई 174 : रंग के बालों से ढकी 5544 : की 5043147694 ढक 6192 रहती है उम्र के साथ बाल गाढ़े 36 : साढ़े 690 गढ़े 41 रंग के होने के साथ साथ कम होने लगते हैं लेकिन उसके सिर और पूँछ 276 : पूछ 17040 पूंछ 3872 में वह सदा रहते हैं हाथी यों तो स्लेटी 136 : स् लेटी 10115 सलेटी 250 रंग के होते हैं लेकिन अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 202 अफ़्रीका 22 हाथी अलग अलग रंग की मिट्टी में लोटकर 6 : लोट कर 34491990 लो टकर 3970 लौटकर 3888 लाल या भूरे 25800 : भू रे 519152 पूरे 144150 रंग के प्रतीत होते हैं गीली 3150 : गी ली 115017 गली 7389 गोली 5815 मिट्टी में लोटना 3 : लोट ना 343026 लो टना 7940 लौटना 2775 हाथी समाज की दिनचर्या 99502 : दिन चर्या 2615976 का एक अभिन्न 174420 : अंग होता है न केवल लोटना 3 : लोट ना 343026 लो टना 7940 लौटना 185 सामाजिकरण 1 : सामाजिक रण 406616 सामाजि करण 816 सामाजीकरण 6 के लिए अहम है बल्कि मिट्टी धूपरोधक 1 : धूप रोधक 17696 का काम भी करती है और उसकी त्वचा को पराबैंगनी 15 : परा बैंगनी 1836 किरणों 16065 : कारणों 427025 कि रणों 165520 से बचाती 20520 : बताती 1172248 बनाती 397656 बचाता 181440 है हाथी की त्वचा कठोर होने के बावजूद संवेदनशील होती है यदि वह नियमित रूप से मिट्टी का स्नान न करे तो उसकी त्वचा को जलने 21301 : जाने 2801032080 जल ने 521754766 चलने 7586700 से कीटदंश 1 : कीट दंश 39200 से और नमी निकल जाने से काफ़ी नुक़सान 11 : नुकसान 345240 नुक्सान 1818 हो सकता है मिट्टी में लोटने 12 : लोट ने 9045998 लौटने 411553 लो टने 1985 से त्वचा को हाथी के शरीर का तापमान नियंत्रित करने में मदद मिलती है हाथी को अपनी त्वचा से शरीर की गर्मी निकालने में मुश्किल होती है क्योंकि शरीर के अनुपात में त्वचा बहुत कम होती है हाथी के वज़न 244 : वजन 336528 वज़ह 288 और उसकी त्वचा के सतही 178 : सत ही 29139552 सही 684120 सतह 3088 क्षेत्रफल 540 : क्षेत्र फल 54069552 का अनुपात मनुष्य की तुलना में बहुत अधिक होता है हाथियों 13936 : साथियों 1197430 को अपनी टांग 776 : मांग 271500 उठाकर पैर के तालुओं 1 : तालु ओं 140 तलुओं 20 भालुओं 14 को हवा देकर संभवतः 142 : संभव तः 2198 संभवत 311 ठण्डा 56 : ठण्ड 77 ठण्डी 72 रखने की कोशिश करते देखा गया है हाथी के पैरों कि बनावट 156 : बना वट 704601 मोटे स्तंभों 26 : स्तंभ ों 1225 स्तम्भों 36 या खंभों 279 : खंडों 780 के समान होती है हाथी को अपनी सीधी टांगों 160 : मांगों 1768 टांग ों 1358 और बड़े गद्देदार 4 : गद्दे दार 2414 गद्दीदार 5 पैरों की वजह से खड़े रहने में मांसपेशियों 1936 : मांस पेशियों 351000 से कम शक्ति की आवश्यकता होती है इसी कारण हाथी बिना थके 2368 : के 699271300 थे 1811166 सके 9506 बहुत लंबे समय तक खड़े रह सकते हैं वास्तव में अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 2222 अफ़्रीका 22 हाथियों 3484 : साथियों 119743 हाथ ियों 8213 को शायद ही कभी लेटे 3297 : लेते 2002748 ले टे 160069 बेटे 31296 हुए देखा जाता हो सामान्यत वे बीमार या घायल होने पर ही लेटते 8 : लेते 40486382 लेट ते 69920 लौटते 5145 है इसके विपरीत एशियाई हाथी अक्सर लेटना 11 : लेट ना 4279104 ले टना 49252 लेना 3142 पसन्द करते हैं हाथी के पैर लगभग गोल होते हैं अफ़्रीकी 3 : अफ्रीकी 808 अफ़्रीका 22 हाथियों 3886 : साथियों 176839 हाथ ियों 8213 के प्रत्येक पिछले पैर पर तीन नाखून 600 : ना खून 7314012 और प्रत्येक सामने के पैर पर चार नाखून 240 : ना खून 7314012 होते हैं भारतीय हाथियों 3886 : साथियों 176839 हाथ ियों 8213 के प्रत्येक पिछले पैर पर चार नाखून 600 : ना खून 7314012 और प्रत्येक सामने के पैर पर पांच नाखून 240 : ना खून 7314012 होते हैं पैर की हड्डियों 118260 : के नीचे एक कड़ा 880 : बड़ा 1548360 कड़ी 17160 पड़ा 2695 श्लेषी 1 : श्लेष 11 श्ले षी 3 पदार्थ होता है जो एक गद्दे 34 : गद् दे 37602 गद्दी 394 मद्दे 54 या शॉकर 1 : शॉ कर 1656395 शंकर 99992 लॉकर 784 के रूप में कार्य करता है हाथी के वज़न 1220 : वजन 560880 वज़ह 5616 से पैर फूल जाता है लेकिन वज़न 61 : वजन 2736 वज़ह 72 हट जाने से यह पहले जैसा हो जाता है इसी कारण से गीली 7875 : गी ली 115017 गोली 44194 मिट्टी में गहरा धँस 57 : फँस 405 हँस 215 धंस 141 जाने के बावजूद हाथी अपनी टांगों 1960 : मांगों 4947748 को आसानी से बाहर खींच लेता है शंका 3088 : शं का 1908912 आशंका 1228608 शंकर 506856 से आपका आध्यात्मिक विकास धीमा 888 : सीमा 162750 धी मा 10800 बीमा 3448 नहीं होता बल्कि इससे तेजी ही आती है सच्चे शंकालु 6 : शंका लु 772 व्यक्ति ही सच्चे आध्यात्मिक बनते हैं क्योंकि वे किसी बात पर आंख बंद कर विश्वास नही कर लेते बात की तह 616005 : तो 7107121450 तरह 3745815192 यह 2512069560 में जाने की कोशिश करते हैं शंका 386 : शं का 1908912 शंकर 7758 आशंका 6636 करना कोई बुरी बात नहीं है आपको समझना होगा कि शंका 4053 : शं का 1908912 शंकर 165504 आशंका 19908 का अर्थ क्या है शंकालु 6 : शंका लु 772 होने का मतलब किसी चीज़ के बारे में पक्की जानकारी न होने की वजह से उस पर विश्वास नहीं करना पर यह अविश्वास जब हर चीज़ के बारे में हमेशा बने रहने वाले शक में बदल जाता है तो वह एक रोग बन जाता है अविश्वास का मतलब है कि आप पहले ही किसी नतीजे पर पहुंच चुके हैं लेकिन शंकालु 6 : शंका लु 772 होने का मतलब है कि आप अभी भी खोज बीन 3885 : बन 5141260 बीच 25662 छीन 15503 कर रहे हैं आप अभी भी परतें 134 : पर तें 2106624 औरतें 1156 परत ें 454 खोल कर उनको अच्छी तरह देखना चाहते हैं तो शंका 3088 : शं का 1908912 आशंका 307152 शंकर 90510 से आपका आध्यात्मिक विकास धीमा 888 : सीमा 162750 धी मा 10800 बीमा 3448 नहीं होता इससे इसमें तेजी ही आती है सच कहें तो केवल सच्चे शंकालु 6 : शंका लु 772 लोग ही आध्यात्मिक बन पाते हैं क्योंकि वे कुछ खोज रहे होते हैं बाकी लोग तो हर चीज़ के लिए पहले ही बेवकूफी 180 : बेवकूफ 684 भरे नतीजों पर पहुंच चुके हैं अविश्वासी 6 : अविश्वास 867 विश्वासी 51 लोग नकारात्मक नतीजों पर और विश्वासी 153 : विश्वास 385135 विश्वा सी 65576 विश् वासी 515 सकारात्मक नतीजों पर लेकिन दोनों एक जैसे ही हैं थोड़ा इधर या थोड़ा उधर क्या फर्क पड़ता है वे सब एक ही खेल खेल रहे हैं आंकड़ों का खेल जब आप मौत के सामने खड़े होंगे तो सारे नतीजे धरे 984 : करे 36984 रे 7312 धरा 7176 के धरे 15990 : परे 56350 भरे 31584 धीरे 27713 रह जायेंगे मुझे मालूम है कि लोग इस ज़िंदगी को मौत के पार तक खींचने 30940 : खींच ने 84633744 की कोशिश कर रहे हैं लेकिन तब वे कुछ नही कर पाएंगे जब सामने मौत खड़ी होगी शंकालु 6 : शंका लु 772 इंसान जोड़ने घटाने को तैयार नहीं होता जो जैसा है वह उसे वैसा ही देखना चाहता है यह एक आध्यात्मिक तरिका 6 : तरि का 477228 तरीका 165215 तारिका 13 है आध्यात्मिक तरिका 3 : तरि का 477228 तरीका 865 तारिका 13 का मतलब है ज़िंदगी को ठीक उसी रूप में देखना जैसी कि वह है उसमें कुछ जोड़ना 268 : जोड़ ना 3191886 जोड़ा 710 छोड़ना 338 घटाना 144 : घटा ना 3476772 घटना 224950 घट ाना 496 नहीं है उसको उसके असली रूप में देखना है एक शंकालु 6 : शंका लु 772 आदमी की सोच ठीक ऐसी ही होती है मेरे विचार से आध्यात्मिक प्रक्रिया के लिए यह एक आदर्श सोच है कि किसी चीज़ को बढ़ा चढ़ा कर या फिर कम कर के देखने की ज़रूरत नहीं लेकिन हर चीज़ को ले कर आपकी अपनी शंकाएं 57 : शंका एं 3088 शंकाओं 245 आशंकाएं 141 हैं अगर आप शंका 1351 : शं का 1908912 आशंका 19908 शंकर 3448 नहीं करेंगे तो जांच पड़ताल नहीं करेंगे जांच पड़ताल या खोज बीन 555 : बीच 25662 तीन 10613 बन 8714 साधना के लिए रूखा 78 : रू खा 389969 रखा 209360 रेखा 7854 सा शब्द हैं पर साधक एक प्रकार से खोजी 344 : खो जी 18399228 खोज 140928 खोली 1456 ही होता है बात बस इतनी है कि एक सच्चा खोजी 86 : खो जी 18399228 खोज 1468 खोली 182 सच जानने के लिए साधना करता है अगर आप कहते हैं कि किसी की जांच हो रही है या आप किसी की जांच कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप किसी मामले का सच जानने की कोशिश कर रहे हैं इसको जांच पड़ताल कहते हैं और यही साधना भी है आध्यात्मिक साधना भी एक जांच पड़ताल है किसी एक इंसान की नहीं बल्कि अस्तित्व की हम पूरे अस्तित्व की जांच पड़ताल कर रहे हैं यही है आध्यात्मिक साधना यदि आप शंकालु 6 : शंका लु 772 नहीं हैं तो कभी जांच पड़ताल नहीं कर पायेंगे आप सीधे नतीजे पर पहुंच जायेंगे जब आप मौत के सामने खड़े होंगे तो सारे नतीजे धरे 984 : करे 36984 रे 7312 धरा 7176 के धरे 15990 : परे 56350 भरे 31584 धीरे 27713 रह जायेंगे मुझे मालूम है कि लोग इस ज़िंदगी को मौत के पार तक खींचने 30940 : खींच ने 84633744 की कोशिश कर रहे हैं लेकिन तब वे कुछ नही कर पाएंगे जब सामने मौत खड़ी होगी जब आपको ये समझ आ जाएगा कि आपके अस्तित्व की प्रकृति ही है एक दिन मिट जाना तो आपकी ज़िंदगी के सारे नतीजे गायब हो जायेंगे और तब आप ज़िंदगी की जांच पड़ताल या कहें कि सत्य की साधना में जुट जायेंगे दोनों एक ही बात है बस इतना ही खयाल रखना होगा कि शंका 1737 : शं का 1908912 शंकर 399968 आशंका 108072 के रास्ते कहीं आप निराशा की तरफ ना बढ़ जाएं अपनी ज़िंदगी से किनारा 6580 : कि नारा 53794000 किनारे 23596 न कर लें यदि आप एक हताश 1764 : निराश शंकालु 6 : शंका लु 772 किस्म के इंसान हैं तो किसी दिमागी 116 : दि मागी 5312 दिमाग 1477 डॉक्टर की जरुरत है आपको अगर आपके मन में खुशी और शंका 1351 : शं का 1908912 आशंका 12324 शंकर 11206 दोनों साथ हैं तो फिर आप एक बहुत अच्छे आध्यात्मिक साधक हैं और सत्य की साधना के लिए यह एक आदर्श मानसिक दशा है देव आप सारी प्रजा का नियमन करने वाले हैं अतः आपका यम 146 : यह 282911064 ये 2870406 या 1286120 नाम पड़ा हे श्रेष्ठ मैंने यह भी सुना है कि मन वचन और क्रिया द्वारा किसी भी प्राणी का प्रतिद्रोह 1 : प्रति द्रोह 148884 न कर के सब पर समान रूप से दया करना और दान देना ही महापुरुषों 1242 : महा पुरुषों 572136 का सनातन 24165 : सना तन 30498 धर्म है यूँ तो संसार के सभी पुरुष यथाशक्ति 40 : यथा शक्ति 6302304 कोमलता 350 : को मलता 4599690 कोमल ता 72010 कोम लता 2094 का आश्रय ग्रहण करते हैं किन्तु महापुरुष 162 : महा पुरुष 579080 तो महापुरुष 81 : महा पुरुष 579080 होता है वह तो अपने पास आये शत्रु पर भी दया करता है कल्याणी 400 : कल्याण 30350 जैसे क्षुधित 6 : क्षु धित 10 को अन्न मिले त्रिषित 1 : त्रि षित 18 को जल मिले और चिर 935 : फिर 118793532 चार 2916088 सिर 202202 रोगी को अमृत समान औषधि मिल जाय वैसे ही तुम्हारे धर्मानुकूल 5 : धर्मा नुकूल 22 वचनों 918 : वनों 4431 वचन ों 3283 को सुनकर मुझे खुशी खुशी सत्यवान 928 : सत्य वान 108020 के जीवन को छोड़कर कोई तीसरा जो भी वर माँगो 12 : माँ गो 734032 माँग 1665 माँगा 375 स्वीकार है देव आप धर्मराज 168 : धर्म राज 33483369 हैं आप दाता 560 : जाता 8497450 देता 294800 दा ता 48450 हैं और मैं दया की पात्रा 10 : यात्रा 1766682 मात्रा 1277940 पात्र 50034 हूँ मेरे पिता अश्वपति 32 : अश्व पति 274782 को कोई पुत्र नहीं है उन्हें भी औरस 25 : और 3171699993 रस 7062 औरत 5780 पुत्र देने की कृपा करें मुझे बरबस 500 : बर बस 255745 बरस 1272 कोई तुम्हारी हाँ में हाँ मिलाने को प्रेरित कर रहा हूँ चलो यह भी दे दिया हे नारी रत्न मेरी बात मान लो बहुत दूर आ गयी हो आगे का मार्ग किसी मानव के लिए असम्भव 17061 : सम्भव 1120680 है अब तो लौट जा मेरी एक दो बातें और सुन लीजिए एक तो मैं पति के समीप हूँ अतः दूरी का तो कोई नाम ही नहीं और न मुझे उसका अनुभव हो रहा है दूसरी बात आप विवस्वान 21 : विव स्वान 1464 सूर्य के पुत्र हैं और वैवष्वत्‌ 1 : कहलाते 9976 : कह लाते 1503216 हैं सब पर समान न्याय करने वाले होते हैं आप तो सज्जन शिरोमणि 282 : शिरो मणि 1225 हैं आप कृपा के जलधर 2 : जल धर 830332 जलकर 234 जिधर 122 हैं करुणा के सागर हैं और क्या इसमें भी दो राय है कि संतों 11288 : संतोष 134575 के साथ सात कदम चल ही दिया जाय तो मित्रता हो जाती है सतां 2 : समां 483 सत ां 258 सता 105 हि 94 : है 487899 कि 165520 ही 112944 सप्तपदेशु 1 : मैत्री 103 : मंत्री 7521 अतः आप मेरे परम सुहृद 3 : सु हृद 414 भी हुए आप सन्त 202 : सख्त 17584 सन् 3060 अन्त 921 हैं कृपालु 152 : कृपा लु 2828 हैं सुहृद 3 : सु हृद 414 हैं न्यायी 7 : न्याय 22302 न् यायी 27 न्यारी 21 हैं धर्मराज 168 : धर्म राज 33483369 हैं इसलिए आप पर विश्वास करके आप से कुछ कहने का साहस करती हूँ देवि 336 : दे वि 2682276 देव 10575 देवी 8481 यह मेरी तीसरी पराजय है एक बारा 38 : बार 162160208 बा रा 94284 बाबा 49812 हारा 435 : हा रा 76140 मारा 39326 हमारा 15810 था ऋषि पुत्र मारकण्डेय 1 : मार्कण्डेय 60 से और उसे अमरत्व 240 : अमर त्व 5432 का वरदान मिला दूसरी बार हारा 174 : हा रा 76140 हमारा 12648 हार 9815 ऋषि पुत्र नचिकेता 26 : से वह मेरी यमपुरी 6 : यम पुरी 35478 ओमपुरी 16 से अमरत्व 480 : अमर त्व 5432 का ज्ञान लेकर चिरंजीवी 33 : चिरंजी वी 3717 हो लौटा और तीसरी बार हारा 174 : हा रा 76140 हार 19630 हमारा 12648 नारी सावित्री से मेरे पास से तुमने अपने पति को प्रेम से छीन लिया है मैं हारा 261 : हा रा 76140 हार 54964 सारा 21440 हूँ लेकिन प्रसन्नता से खेद 596 : खुद 549945590 खेल 31559090 खेत 738000 से नहीं नियम में बँधा 3267 : बाधा 119755 बंधा 44460 हुआ आज नियम तोड़ दे रहा है वचनबद्ध 25 : वचन बद्ध 147735 यमराज 157 : यम राज 335362 तुम्हें तुम्हारा पति दे रहा है जा सावित्री नाम को पतिव्रता 87 : की रेखा में सबसे ऊँची कर दे आज की तिथि से तुम्हारे पति को चार सौ वर्षों की आयु दे रहा हूँ पुत्रि 1 : पुत्र 6798 पु त्रि 1116 पुत्री 514 पवित्र किये कुल दोऊ 2 : दो 7472976 दोष 4172 कोऊ 15 अपने पिता और अपने पति दोनों को सनाथ 1 : साथ 801834240 अनाथ 3648 नाथ 818 कर देने वाली सावित्री तुम्हारी जय हो बिना किसी से जुड़े या बंधे 6552 : हुए और निडर 8030 : नि डर 1065830 होकर इच्छा को समझकर उससे मुक्त रहने इच्छा जो कि भ्रमों 32 : भ्रम ों 4907 क्रमों 36 ड्रमों 33 की जननी 26883 : जानी 38911050 जन नी 148850 है उससे मुक्त रहने में आजादी है अकेले रहने में ही असली और अनन्त 12628 : अन्त 305772 शक्ति है ज्ञान से ठुंसा 1 : ठूंसा 20 ठुंसे 10 ठुंस 2 हुआ बंधनों 408 : बंधन ों 2828 में जकड़ा 96 : पकड़ा 3744 जोड़ा 1944 जुड़ा 1813 नियोजित 141 : नि योजित 1060 नियो जित 270 दिमाग कभी भी अकेला नहीं होता जो धार्मिक या वैज्ञानिक या तकनीकी रूप से नियोजित 2256 : हो वह सदैव सीमित होता है सीमितता 7 : सीमित ता 258970 ही द्वंद्व 990 : का मुख्य घटक है इच्छाओं 6600 : इच्छा ओं 37120 में जकड़े 400 : जुड़े 21978 पकड़े 4312 कड़े 1407 आदमी के लिये सौन्दर्य एक खतरनाक चीज है पहले अंडा 109 : अं डा 29325 अंडर 708 अंडे 464 आया या मर्गी 1 : मर्जी 296 मुर्गी 80 मर्फी 24 यह प्रश्न हजारों वर्षों से लोगों को परेशान करता आया है लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इस यक्ष 3392 : पक्ष 111903 प्रश्न का जवाब ढूंढ़ 83 : ढूंढ 705 निकालने का दावा किया है शेफील्ड 4 : शे फील्ड 6336 और वारविक 3 : वार विक 9576 वारिक 4 विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के एक दल ने दावा किया है कि धरती पर अंडे से पहले मुर्गी 80 : मुर्गे 828 मिर्गी 100 मुर्सी 88 का जन्म हुआ था वैज्ञानिकों ने पाया कि ओवोक्लाइडिन 1 : नाम का प्रोटीन अंडे के खोल के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण होता है उन्होंने बताया कि यह प्रोटीन मुर्गी 1120 : के अंडाशय 1 : अंडा शय 1744 से पैदा होता है इसलिये पहले अंडा 109 : अं डा 29325 अंडर 708 अंडे 464 आया या मुर्गी 80 : मुर्गा 136 अब यह पहेली सुलझ 396 : गई है वैज्ञानिकों ने कहा कि पहले मुर्गी 80 : मुर्गे 138 मुर्सी 88 आई और इसके बाद अंडा 218 : अं डा 29325 ठंडा 996 अंडर 708 पैदा हुआ डेली एक्सप्रेस के मुताबिक रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि प्रोटीन पैदा करने वाली मुर्गियां 14 : मुर्गियों 62 मुर्गियाँ 15 पहले कैसे आईं इस दल ने अंडे के खोल को देखने के लिये अत्याधुनिक 99 : कंप्यूटर हेक्टर 20 : सेक्टर 21650 हे क्टर 2712 हैक्टर 744 का इस्तेमाल किया शोध से जुडे़ 1886 : जुड़े 3762592 जुड़ 30388 जुडे 16497 प्रमुख वैज्ञानिक डॉण् 1 : डॉ ण् 454860 कोलिन 11 : को लिन 5140830 कोल िन 1419 फ्रीमैन 1 : फ्री मैन 116655 फ्रीडमैन 10 ने कहा लम्बे समय से यह संदेह बना हुआ था कि अंडा 327 : अं डा 29325 अंडर 1180 ठंडा 996 पहले आया लेकिन अब हमारे पास वैज्ञानिक सबूत है जो हमें बताता है कि मुर्गी 160 : मुर्सी 308 मुर्गे 207 पहले आई मुजफ्फरपुर में केदारनाथ 10440 : केदार नाथ 482620 अग्रवाल जन्मशती 44 : जन्म शती 166400 समारोह सम्पन्न नागार्जुन केदार 118 : के दार 41511925 त्रिलोचन 132 : त्रि लोचन 198 शमशेर 678 : शम शेर 20504 और मुक्तिबोध 910 : मुक्ति बोध 11126250 हिन्दी में प्रगतिशील काव्य सृष्टि के पांच रत्न हैं प्रगतिशील साहित्य का आन्दोलन भक्ति आन्दोलन के समान महाप्रतापी 4 : महा प्रतापी 12400 मान्य हुआ तो उसमें इन पाँच रत्नों 410 : रत्न ों 2429 की ऐतिहासिक भूमिका है ये वस्तुतः 145 : वस्तुत 1440 वस्तु तः 1305 इतिहास निर्माता कवि हैं इनकी चौथे दशक की कविताएँ 9432 : कविताएं 14899 ही प्रगतिवाद 250 : प्रगति वाद 570216 प्रतिवाद 470 की आधार सामग्री थीं इनमें केदारनाथ 1740 : केदार नाथ 482620 अग्रवाल रामविलास 53280 : राम विलास 26905084 शर्मा के सखा 2160 : रखा 12477856 सपा 996075 सभा 416955 और कदाचित 128 : कदा चित 10744 समकालीनों 114 : समकालीन ों 2058 सम कालीनों 2050 में सर्वाधिक प्रिय कवि थे केदार 590 : के दार 41511925 साम्राज्यवाद 170 : साम्राज्य वाद 200928 सामन्तवाद 7 : सामन्त वाद 4968 सामन्तवादी 9 पूँजीवाद 92 : पूँजी वाद 53268 पूंजीवाद 233 व्यक्तिवाद 87 : व्यक्ति वाद 4418760 और संप्रदायवाद 7 : संप्रदाय वाद 37536 सम्प्रदायवाद 52 संप्रदायवादी 12 के शत्रु कवि थे मई को बिहार प्रगतिशील लेखक संध 20 : संघ 9090560 संग 752 संत 703 द्वारा मुजफ्फरपुर में आयोजित केदारनाथ 1740 : केदार नाथ 482620 अग्रवाल की कविता और उसका समय विषयक 142 : विष यक 19440 विषय 8236 परिचर्चा 1992 : परि चर्चा 540680 में आलेख पाठ करते हुए आलोचक रेवती 1178 : रे वती 7312 रेव ती 1326 रमण 16929 : ने यह बात कही इससे पहले डा पूनम सिंह ने केदार 2124 : के दार 41511925 के काव्य व्यक्तित्व में मानवीय संवेदनाओ 1 : संवेदना 91504 संवेदनाओं 23616 संवेदनाओँ 4 को रेखांकित करते हुए कहा कि केदार 472 : के दार 41511925 की कविता कठिन जीवन संघर्षों 17920 : के बीच अदम्य 260 : जिजीविषा 260 : बनाये रखने वाले स्त्रोतों 792 : स्त्रोत ों 1001 की खोज करती है वे मूलतः 708 : मूल तः 2381 मूलत 852 किसानी 110 : कि सानी 8938080 किसान 2107 किसा नी 260 संवेदना के कवि हैं उनकी कविताएँ 1048 : कविताएं 5706 कविता एँ 3535 कवि ताएँ 2087 उनके बाँदा 8 : बाँ दा 255 बांदा 59 बाँटा 42 जनपद की संस्कृति से जुड़ी हुई है नागार्जुन के बाँदा 8 : बांदा 826 बाँ दा 255 बाँटा 42 आने पर उन्होंने जो कविता लिखी उसमें उनके गाँव का पूरा चित्र प्रतिबिम्बित 82 : प्रति बिम्बित 15672 प्रतिबिम्ब ित 267 है केदार 3540 : के दार 41511925 का समस्त कविकर्म 3 : कवि कर्म 25601229 विकर्म 5 अभिजन 10 : अभि जन 242740 के दायरे से बाहर जाकर गरीब किसानों कामगार 168 : काम गार 978500 मजदूरों दलित स्त्रियों के पक्ष में खड़ा है केदार 3540 : के दार 41511925 का कवि सामंती 150 : वर्चस्व का अतिक्रमण कर मानव मूल्यों की वकालत करता है तथा मुक्तिबोध 2990 : मुक्ति बोध 11126250 की तरह अभिव्यक्ति के खतरे उठाने को सदैव तत्पर है बिहार प्रलेस 6460 : प्रेस 180768 प्र लेस 17101 के महसचिव 12 : महासचिव 1543896 मह सचिव 50336 राजेन्द्र राजन ने अपने संबोधन में कहा कि केदारनाथ 8700 : केदार नाथ 482620 अग्रवाल प्रगतिशीलता 328 : प्रगतिशील ता 70680 प्र गतिशीलता 25477 प्रगति शीलता 15495 के प्रतिमान 15010 : प्रति मान 43568160 हैं उनकी रचनाएँ 1064 : रचनाएं 2268 रचना एँ 1718 प्रतिवद्ध 1 : प्रति वद्ध 39180 प्रतिबद्ध 192 साहित्य का नमूना 481182 : है वे परिवर्तन को अवश्यंभावी 29 : अवश्यम्भावी 72 मानते थे तभी तो उन्होंने लिखा भी एक हथौड़े 15 : हथौड़ा 56 हथौड़ी 16 वाला घर में और हुआ हाथी से बलवान 658 : बल वान 131175 जहाजी 10 : जहा जी 3516576 जहाज 411 हाजी 182 हाथों वाला और हुआ दादा रहे निहार 58 : नि हार 1040390 बिहार 45448 विहार 368 सवेरा 53 : सवे रा 324 सवेरे 218 करने वाला और हुआ एक हथौड़ा 56 : वाला घर में और हुआ बाँदा 8 : बांदा 354 बाँ दा 255 बाँटा 42 से आये नरेन्द्र पुण्डरीक 14 : ने कहा कि केदारनाथ 8700 : केदार नाथ 482620 अग्रवाल की कविता हमारे समाज की विडम्बनाओं 18 : विडम्बना ओं 2040 एवं त्रासदियें 1 : त्रास दियें 252 त्रासदियों 18 से सीधे साक्षात्कार कराते हुए जिस तरह से अपने परिवेश के उपादानों 45 : उपादान ों 238 नदी पहाड़ खेत पेड़ आदि को एक नयी पहचान देकर उनके प्राकृत 56 : प्रा कृत 4459 सौन्दर्य को अपने यहाँ के आदमी को विसंगतियों 840 : विसंगति यों 22402 से उवारने 1 : उवार ने 153322 उतारने 4784 उबारने 2100 एवं उसकी पहचान को बनाने एवं उसे सामने लाने का जो कार्य केदार 236 : के दार 41511925 की कविता ने किया है उसकी मिसाल प्रगतिशील हिन्दी कविता में दूसरी नहीं है डा विजेन्द्रनारायण 1 : विजेन्द्र नारायण 32266 सिंह ने कहा कि केदार 472 : के दार 41511925 की कविताओं में प्रगतिशीलता 164 : प्रगतिशील ता 70680 प्र गतिशीलता 25477 प्रगति शीलता 15495 प्रयोगवाद 93 : प्रयोग वाद 2462472 और नई कविता का समन्वित 1500 : प्रवाह है प्रो तरुण 453 : अरुण 195216 वरुण 1050 कुमार ने केदार 1770 : के दार 41511925 को किसानी 110 : कि सानी 8938080 किसान 29498 किसा नी 260 संस्कृति और चेतना में हिन्दी का सर्वाधिक प्रतिवद्ध 1 : प्रति वद्ध 39180 प्रतिबद्ध 576 कवि बताया पूर्व कुलपति डा रिपुसूदन 1 : रिपु सूदन 25 श्रीवास्तव ने कहा कि प्रमाणिक 144 : प्र माणिक 10470 प्रमाण िक 4396 प्रामाणिक 378 मूल्यों एवं मानवीय संदर्भ के दृष्टिकोण से केदारनाथ 6960 : केदार नाथ 482620 अग्रवाल की कविता हमें रास्ता दिखाती 108240 : दिखाता 229460 है समारोह के उदघाटनकर्त्ता 1 : उदघाटन कर्त्ता 3104 डा व्रजकुमार 18 : व्रज कुमार 58152 पाण्डेय 11229 : ने कहा कि केदारनाथ 8700 : केदार नाथ 482620 अग्रवाल आजादी से लेकर साम्राज्यवाद 2210 : साम्राज्य वाद 200928 से मुक्ति के लिए लड़ रही दुनिया के लिए काव्य रचनाएँ 1596 : रचना एँ 1718 की है कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ आलोचक खगेन्द्र 30 : ठाकुर ने केदारनाथ 1740 : केदार नाथ 482620 अग्रवाल को ग्रामीण संवेदना के साथ ही क्रांतिकारी कवि की संज्ञा दी उन्होंने कहा कि उनकी कविताओ 12 : कविता 88940600 कविताओं 5605038 कवि ताओ 10435 में लड़ाकू 171 : लड़ा कू 1350 मनुष्य दिखायी पड़ता है जो नये समाज के लिए लड़ रहा है इस सत्र का मंच संचालन कवियत्री 13 : कवयित्री 142 एवं कथालेखिका 1 : कथा लेखिका 1236136 पूनम सिंह ने एवं धन्यवाद ज्ञापन श्रवण 5530 : कुमार ने किया आयोजन के दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें मुजफ्फरपुर सहित बिहार के विभिन्न हिस्सों से आये कवियों की भागीदारी रही नरेन्द्र पुण्डरीक 14 : बाँदा 8 : बाँ दा 255 बांदा 59 बाँटा 42 शहंशाह 144 : आलम अरविन्द श्रीवास्तवअरुण 1 : श्रीवास्तव अरुण 270746 शीतांश 1 : शतांश 7 अली अहमद मंजर 75 : मं जर 1053 मंजूर 422 मंतर 275 श्रीमती मुकुल लाल अरविन्द ठाकुर नूतन 278 : नू तन 5382 आनंद देव आनंद डा विनय चौधरी रश्मि 168 : रेखा आशा अरुण पुष्पा 153 : पुष्प 264 गुप्ता श्वाति 1 : स्वाति 81 सुनिता 2 : सुनि ता 2280 सुनीता 418 सुनता 327 गुप्ता संजय पंकज मीनाक्षी 98 : मीनल 12 : मी नल 75992 मील 437 मीना 186 श्यामल 40 : श्याम 1102 श्यामा 68 श्रीवास्तव श्रवण 5530 : कुमार राजीव कुमार रानी श्रीवास्तव अंजना 86 : अं जना 225 वर्मा आदि ने अपने काव्य पाठ से आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया इस सत्र का संचालन युवाकवि 1 : युवा कवि 100735316 रमेश ऋतंभर 1 : ऋतं भर 27996 ऋतंभरा 6 ने किया तथा अध्यक्षता प्रो रवीन्द्रनाथ 284 : रवीन्द्र नाथ 675668 राय ने की मुजफ्फरपुर में आयोजित इस आयोजन की धमक 1104 : धमकी 298287 चमक 93480 नमक 2436 काफी समय तक महसूस की जायेगी हलाला 4 : हला ला 1930 हवाला 437 मलाला 362 शरिया 54 : एरिया 389 जरिया 186 दरिया 172 कानून का हिस्सा नहीं है हलाला 4 : मलाला 8326 हला ला 1930 लाला 1116 शरियत 9 : शरीयत 30 शरिया 18 का कानून नहीं है बल्कि इस्लाम के खिलाफ है मैंने अपने लेख में बताया था कि इस्लाम के अनुसार तलाक़ 3 : तलाश 4809 तलाक 650 तला 19 क्या होती है और एक बार तलाक़ 6 : तलाश 4809 तलाक 4550 तला 19 होने के बाद कोई भी महिला अपनी मर्ज़ी 1350 : मर्जी 3645832 से दूसरा विवाह करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होती है हाँ अगर किसी महिला की या उसके पति की उससे नहीं बनती और बदकिस्मती 1230 : से फिर से तलाक़ 3 : तलाश 3843994 तलाक 493350 तलाब 42 की स्थिति आ जाती है तो ऐसी अवस्था में वह महिला अपनी इच्छा से फिर से पहले पति से शादी कर सकती है क्या हलाला 4 : हला ला 1930 मलाला 724 हवाला 437 शरिया 54 : एरिया 389 जरिया 186 दरिया 172 कानून का हिस्सा है हलाला 4 : मलाला 8326 हला ला 1930 लाला 1116 शरिया 54 : एरिया 389 जरिया 186 दरिया 172 कानून का हिस्सा नहीं है बल्कि तलाक़ 24 : तलाक 1950 को इसलिए सख्त बनाया गया है कि पुरुष महिलाओं पर ज्यादतियां 7 : ज्याद तियां 133 ज्यादतियों 19 करने की नियत से इसका मज़ाक 58 : मजाक 3450 मज़ा 132 ना बना लें जब चाहे तलाक़ 3 : तलाश 1603 तलाक 1300 तला 19 दिया और फिर जब चाहे दुबारा विवाह कर लिया इसीलिए तलाक़ 192 : तलाक 15600 के बाद वापिस दुबारा शादी की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है यहाँ यह भी बताता चलूँ 1000 : लूँ 2460 कि इस्लाम में तलाक़ 48 : तलाक 60450 को सबसे ज्यादा नापसंदीदा 1 : ना पसंदीदा 1732572 काम माना गया है और केवल विशेष परिस्थितियों के लिए ही इसका प्रावधान है एक बार तलाक़ 6 : तलाश 4809 तलाक 4550 तला 19 होने के बाद कोई भी महिला अपनी मर्ज़ी 1350 : मर्जी 3645832 से दूसरा विवाह करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होती है हाँ अगर किसी तलाकशुदा 69 : तलाक शुदा 20150 महिला का अपने पति या उसके पति का उसके साथ तालमेल नहीं बैठता और बदकिस्मती 1230 : से फिर से तलाक़ 3 : तलाश 3843994 तलाक 493350 तलाब 42 की स्थिति आ जाती है तो ऐसी अवस्था में वह महिला अपनी इच्छा से फिर से पहले पति से शादी कर सकती है अगर कोई जानबूझकर 668 : जानबूझ कर 888607200 जान बूझकर 24242166 इस प्रक्रिया को दूबारा 5 : दोबारा 327726 दुबारा 39040 दू बारा 3382 शादी के लिए इस्तेमाल करता है तो इस्लामिक 1188 : इस्लाम िक 3336 कानून के मुताबिक उनके लिए बेहद सख्त सज़ाओं 1 : सज़ा ओं 2300 सजाओं 2 सज़ाएं 2 का प्रावधान है सन्दर्भ के लिए यह लिंक देखा जा सकता हैं निकाह 1122 : निकाय 3552 निगाह 3504 निकाल 3178 की हर एक सूरत में महिला और पुरुष दोनों की मर्ज़ी 240 : मर्जी 20128 आवश्यक है इस्लामिक 396 : इस्लाम िक 3336 विवाह की रीती 20 : रीति 224224 रहती 82308 री ती 10251 में किसी भी स्थिति में बिना किसी महिला अथवा पुरुष की मर्ज़ी 1920 : मर्जी 885632 के शादी हो ही नहीं सकती है अगर किसी महिला पुरुष से ज़बरदस्ती 104 : जबरदस्ती 2115 हाँ कहलवाई 1 : कहल वाई 173 हलवाई 30 कहलाई 14 जाती है और हस्ताक्षर करवाए 1148 : कराए 12705 करवा 12660 जाते हैं तो इस सूरत में विवाह नहीं होता है और क्योंकि ऐसी स्थिति में क्योंकि विवाह वैध 2960 : अवैध 6702 नहीं होता है इसलिए अलग होने के लिए तलाक़ 3 : तलाश 698908 तलाक 10725 तलाब 42 की आवश्यकता भी नहीं होती है उपरोक्त संदर्भो 80 : संदर्भ 16473 संदर्भों 464 से यह साफ़ हो जाता है कि हलाला 4 : मलाला 608160 लाला 29016 हला ला 1930 की इस्लाम में रत्ती 10707 : भर भी जगह नहीं है मैंने एक बार तलाक़ 3 : तलाक 20800 तलाश 17633 तला 19 हो जाने पर दुबारा विवाह को लगभग नामुमकिन 488 : ना मुमकिन 3430260 नामुम किन 516 इसलिए कहा था क्योंकि किसी भी महिला की मर्ज़ी 1920 : मर्जी 885632 के बिना पहली या दूसरी शादी हो ही नहीं सकती है और कोई भी महिला ऐसी घिनौनी 696 : हरकत को जानबूझकर 3006 : जानबूझ कर 888607200 जान बूझकर 24242166 क़ुबूल 5 : कुबूल 140 नहीं करेगी अगर किसी महिला या पुरुष का इस्लाम धर्म में विश्वास है तब तो वह ऐसा गुनाह 579 : बिलकुल भी नहीं करेंगे और अगर विश्वास ही नहीं है तो उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता ही नहीं है वह देश के सामान्य कानून के मुताबिक कोर्ट में शादी कर सकते हैं न तो चिलचिलाती 851 : धूप की चिंता न ही पथरीले 22 : पथरी ले 1329804 पथ रीले 2888 पथरीली 32 रास्ते बन पा रहे रोड़ा 43 : थोड़ा 1374 जोड़ा 355 छोड़ा 305 मां विंध्यवासिनी 120 : विन्ध्यवासिनी 150 के दरबार में आस्था व उत्साह से लबरेज 1599 : भक्तों का सैलाब 2635 : कोई इलाहाबाद से तो कोई सुल्तानपुर 305 : सुल्तान पुर 31752 से चला आया है यहां तक कि दूसरे प्रांतों 5600 : के लोगों को भी शक्तिदायिनी 1 : शक्ति दायिनी 19944 का प्रताप खींच लाया है रविवार को अवकाश का दिन होने के कारण भक्तों की संख्या पिछले दो दिनों से कहीं ज्यादा थी उनमें भी पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं कहीं अधिक देखी गई घंटों कतार में खड़े रहने का किसी को कोई मलाल 35310 : लाल 77328 माल 60280 नहीं बस लाल चुनरिया 26 : चुन रिया 22066 चुनिया 37 ओढ़े 54 : पढ़े 292 बढ़े 269 ओढ़ 76 मइया 301 : मइ या 64306 माया 14460 भइया 1225 की मोह लेने वाली एक झलक पाने को हर कोई बेताब 112 : बे ताब 4606 कहीं महिलाओं का समूह मां की जय जयकार 3712 : जय कार 17156672 कर रहा था तो कहीं लोग भजन कीर्तन 33418 : में रमे 108 : रहे 84808736901 रखे 49249200 मे 953888 थे सभी को मां के चरणों में सिर झुकाने 357 : झुका ने 31890976 चुकाने 8892 झुकाये 1230 के लिए अपनी बारी आने का इंतजार था अनुमान लगाया गया कि दिन भर में तकरीबन पांच लाख लोगों ने मां के चरणों में मत्था 1332 : टेक पुण्य लाभ अर्जित किया उधर त्रिकोण 63 : त्रि कोण 876 करने वालों की संख्या भी आज अपेक्षाकृत ज्यादा थी मान्यता है कि मां विंध्यवासिनी 80 : विन्ध्यवासिनी 120 देवी दर्शन के पश्चात यदि त्रिकोण 441 : त्रि कोण 876 पर विराजमान काली देवी अष्टभुजा 18 : अष्ट भुजा 1326 का दर्शन पैदल चलकर किया जाए तो हर मनोकामना 44064 : पूरी होती है बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने काली व अष्टभुजा 18 : अष्ट भुजा 1326 का दर्शन कर त्रिकोण 63 : त्रि कोण 876 परिक्रमा पूरी की इलेक्ट्रॉनिक्स 140 : विज्ञान और प्रौद्योगिकी का है कि शाखा है जो इलेक्ट्रॉनों 4 : इलेक्ट्रॉन ों 126 इलेक्ट्रानों 21 की गति नियंत्रित के विभिन्न मीडिया और वैक्यूम 20 : वै क्यूम 104 के माध्यम से इस्तेमाल करता है इलेक्ट्रॉन 54 : इलेक्ट्रान 134 प्रवाह को नियंत्रित करने की क्षमता आम तौर पर जानकारी हैंडलिंग 22 : हैंड लिंग 19175 या युक्ति 278 : मुक्ति 2967 युक्त 663 नियंत्रण के लिए आवेदन किया है इलेक्ट्रॉनिक्स 280 : विद्युत विज्ञान और प्रौद्योगिकी है जो पीढ़ी वितरण नियंत्रण और बिजली के आवेदन के साथ सौदे से अलग है तक इस क्षेत्र रेडियो प्रौद्योगिकी कहा जाता था क्योंकि उसके प्रमुख आवेदन डिजाइन और रेडियो ट्रांसमीटर 52 : ट्रांस मीटर 63774 रिसीवर 14 : रि सीवर 880 रिसी वर 327 रिसीव 51 और वैक्यूम 10 : वै क्यूम 104 ट्यूबों 9 : ट्यूब ों 1232 ट्यूबें 10 के सिद्धांत था सबसे इलेक्ट्रॉनिक 1188 : उपकरणों आज प्रयोग अर्धचालक 1 : अर्ध चालक 75656 घटकों 71 : घट कों 22816 घटक ों 1890 इलेक्ट्रॉन 18 : इलेक्ट्रान 67 नियंत्रण करने के लिए अर्धचालक 1 : अर्ध चालक 75656 युक्तियों 30 : युक्ति यों 67693 युक्त ियों 663 और संबंधित प्रौद्योगिकी के अध्ययन भौतिकी 1449 : की एक शाखा माना जाता है डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक 4752 : सर्किट 1002 : का निर्माण जबकि व्यावहारिक इलेक्ट्रॉनिक्स 280 : इंजीनियरिंग के अंतर्गत आते हैं समस्याओं का समाधान करने के लिए इस लेख इलेक्ट्रॉनिक्स 420 : के इंजीनियरिंग पहलुओं पर केंद्रित है दो वर्ष पूर्व तक स्वामी रामदेव जी एक योगी थे और अति आदरनीय 1 : आदर नीय 9744 आदरणीय 107 जीवन व्यतीत कर रहे थे आम आदमी से लेकर खास आदमी और नेता से लेकर अभिनेता तक उनके प्रशंशक 2 : प्रशंसक 5652 प्रशंशा 5 प्रसंशक 5 और अनुयायी 1968 : थे अगर वो चाहते तो इसी तरह जिंदगी गुजार 6955 : गुजर 19824 सकते थे जैसा की कुछ अभिनेताओं 1064 : अभि नेताओं 317576 अभिनेता ओं 15500 और नेताओं का कहना है की हर किसी को अपना काम करना चाहिए जो शायद ये भूल गये हैं कि अगर आज़ादी 1449 : आजादी 317856 आबादी 22198 से पहले हर इन्सान यही सोचता तो आज भी हम गुलामी की जंजीरों 10200 : में जकड़े 448 : जुड़े 810428 पकड़े 10881 कड़े 1624 होते क्योंकि गाँधी जी शायद एक वकील सुबाष 2 : सुभाष 806 सुबान 3 सुबा 3 चंदर 60 : चंद्र 13950 अंदर 2696 चंद 1416 बोस एक प्रोफसर 3 : प्रोफेसर 189040 प्रोफ सर 1830 प्रोफैसर 34 और चंदेर्शेखर 1 : आजाद किसी संस्कृत विधापीठ 1 : विधा पीठ 259434 में पढ़ा रहे होते किन्तु देश को प्यार करने वाले खुद से ज्यादा देश की फ़िक्र 176 : फिक्र 9381 जिक्र 1704 करतें 2484 : करते 236404327 कर तें 584610 करें 15192 हैं अपनी आन बान 49920 : बात 8763898 बाद 3067146 बार 2295454 और शान देश हित में झोक 44 : रोक 5337360 लोक 458766 झुक 97515 कर देते हैं वही स्वामी जी ने भी किया आज की स्थिति भी कुछ कुछ वैसी ही है मुठी 2 : मीठी 2030 मु ठी 217 मुझी 160 भर भ्रष्ट और गद्दार 92 : गद् दार 213 नेता देश को नोच 1680 : सोच 82662 नोट 16164 नो 3370 नोच 3360 : सोच 923658 नोट 26940 कर खा रहें हैं और हर कोई अपना काम कर रहा है वो चाहते भी यही हैं की हर कोई अपना काम करें ताकि कोई उनके काम में बाधा ना बने और उनका काम है देश को लूटना 372 : लूट ना 5383764 लूटने 10431 लौटना 2405 किन्तु जिसके दिल में भारत माता विराजमान हो वो अपनी माँ का इस तरह बलात्कार होते नहीं देख सकता इसी वेदना में स्वामी जी ने देश को वापिस देने की ठानी 2295 : पानी 1170936 यानी 992088 जानी 409590 जो सम्मान उन्हें इस देश से मिला था किन्तु उनसे कुछ गलतियाँ 200 : गलतियां 618 हुई जिनका जिक्र मै अपने अगले ब्लॉग में करूँगा 196 : करूँ गा 115218 करूंगा 2156 कहूँगा 261 तब उन्होंने देश को भ्रष्टाचार् 1 : भ्रष्टाचार 538044804 भ्रष्टाचारी 360 के प्रति जागरूकता अभियान शुरू किया जहाँ उनके साथ लाखों लोग जुड़ते 252 : जुड़ ते 25650 जुड़े 1628 चले गए उस वक्त हमारी मिडिया 231 : मीडिया 33504 टी आर पी और अपने आप को दूसरों से बेहतर बताने की होड़ में लगी थी इसीलिए किसी भी नेशनल चैनल पर उन्हें नहीं दिखया 8 : दिया 314573435000 दिख या 35496912 दिखाया 26068350 गया उसके बाद स्वामी जी ने फ़रवरी 56 : फरवरी 33693902 को विशाल रैली की जिसमें बड़े बड़े विचारकों 1386 : विचार कों 267996 विचारों 22572 ने अपनी राय रखी पर मिडिया 462 : मीडिया 145491120 के लिए ये सब कोई न्यूज़ 284 : न्यूज 1626 न् यूज़ 351 नहीं थी अब में आपको आज़ादी 2898 : आजादी 238392 आबादी 22198 से पहले के दौर में लेकर जाता हूँ तब कोई इलेक्ट्रोनिक्स 24 : इलेक्ट्रॉनिक्स 70 इलेक्ट्रानिक्स 33 मिडिया 154 : मीडिया 33504 नहीं था भारत में आज़ादी 18837 : आजादी 48805086 आबादी 2663760 के लिए बिगुल 603 : बि गुल 2097 बज चूका 5110 : चुका 31195107 चू का 3340596 था महात्मा गाँधी से लेकर सुबाष 2 : सुभाष 3224 सुबान 3 सुबा 3 चंदर 60 : चंद्र 13950 अंदर 2696 चंद 1416 बोस और चंदर 180 : अंदर 75488 चंद्र 16740 चंद 12744 शेखर आजाद से लेकर भगत सिंह तक हर कोई अंग्रेजो 658 : अंग्रेजी 1531050 अंग्रेजों 105560 अंग्रेज 12852 के खिलाफ खड़ा था और भारत के आखरी 1743 : आखिरी 2051712 आदमी तक उनकी चर्चा थी उन सभी के लाखों समर्थक थे तो विरोधी भी थे जिसका कद जितना बड़ा था उतने ही ज्यादा उनके विरोधी भी थे आरोप प्रत्यारोप 36720 : का सिलसिला भी चला किन्तु सबका ध्येय 552 : एक था आज़ादी 966 : आजादी 590304 आबादी 44396 और हर आम इन्सान यही चाहता था फिर वो चाहे गाँधी के रास्ते से मिले या भगत सिंह के रास्ते चलकर मिले आज इतिहास में उनका नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है और वो लाखों लोगों के हीरो हैं वही दूसरी और आरोप लगाने वालों को कोई नहीं जानता अब आज के दौर की बात करते हैं ध्येय 138 : सबका एक ही है रास्ता बेशक अलग हो चाहे वो अन्ना हजारे हो यां 36 : या 264619190 यहां 882700 मां 54054 स्वामी रामदेव जी किन्तु आज इलेक्ट्रोनिक्स 24 : इलेक्ट्रॉनिक्स 70 इलेक्ट्रानिक्स 33 मिडिया 1232 : मीडिया 929736 ने जो भूमिका निभाई है वो शक के घेरे में है की वो इस अभियान को सफल बनाना चाहते हैं या रोकना चाहते हैं क्या ये उनकी मजबूरी है की उन्हें घंटे न्यूज़ 142 : न्यूज 4878 न् यूज़ 351 दिखाने के लिए कुछ गैर जिम्मेदार नेताओ 480 : नेताओं 1551928 ने ताओ 766610 नेता 226473 से उनकी राय पूछनी 7 : पूछ नी 55380 पूछने 783 पू छनी 332 पड़ती है जो बेतुके 26 : बेतुकी 33 बेतुका 27 आरोपों कि जड़ी 35 : जी 7252938 बड़ी 150696 पड़ी 2206 लगा देता है जिसका कोई आधार नहीं होता और उसे ब्रकिंग 1 : ब्र किंग 3072 ब्रेकिंग 238 ब्रोकिंग 10 न्यूज़ 142 : न्यूज 813 न् यूज़ 351 बनाकर बार बार दिखाया जाता है ताकि आम लोग जो स्वामी जी बारे में कुछ नहीं जानते वो आरोपों के आधार पर अपनी राय कायम कर सकें कुछ वरिष्ट 78 : वरिष्ठ 543686 पत्रकारों से बातचीत करने पर उन्होंने भी माना की कुछ चैनेल 54 : चैनल 17430 चैन ेल 437 चै नेल 129 अपनी नैतिकता और फ़र्ज़ 132 : को भूलकर 10120 : भूल कर 24669665085 मुद्दे से आम इन्सान को हटाना 39000 : हटा ना 4191894 हटाने 156366 चाहते हैं क्या ये माना जाए की उन्हें चैनेल 54 : चैनल 226590 चैन ेल 437 चै नेल 129 के मालिकों की तरफ से कोई दिशा निर्देश था या सरकारी दबाव में ऐसा कर रहे थे कुछ चैनेल 54 : चैनल 17430 चैन ेल 437 चै नेल 129 तो स्वामी रामदेव को सिर्फ रामदेव से संबोदित 8 : संबोधित 3701511 संबोघित 21 कर रहे थे हमारे भारत वर्ष की भाषा और संस्कर्ती 1 : संस्क्रती 4 ने हमें सैकंडो 8 : सैकंड 18 सैकडो 9 सम्मानजनक 260 : सम्मान जनक 4438651 शब्द दिए हैं हमरे 528 : हमारे 610941760 हम रे 22560262 हमने 2747328 यहाँ किसी आम साधू 642 : सा धू 221424 साधन 38259 साधक 27208 को भी इस प्रकार संबोदित 8 : संबोधित 6489 नहीं किया जाता मेरा मानना है की आज अगर इलेक्ट्रोनिक्स 48 : इलेक्ट्रॉनिक्स 70 मिडिया 308 : मीडिया 4188 ना होता तो ये आन्दोलन ज्यादा सफल होता क्योंकि प्रिंटिंग 76 : मिडिया 924 : मीडिया 2424852 के जरिये हर भारतीय को स्वामी जी के ध्येय 3036 : का पता चलता और आम जन उनसे जुड़ता 184 : जुड़ ता 25650 जुड़ा 259 चला जाता जहाँ आम जन में यही चर्चा होती कि भारत का कला धन विदेशों में कितना है और सरकार को उसे वापिस लेन में क्या परेशानी है एक तरफ जहाँ स्वामी जी हस्पताल 364 : अस्पताल 11467791 में मौत से जूझ रहे थे वही दूसरी और एक चैनेल 9 : चैनल 108315 चैन ेल 437 चै नेल 129 कुछ पाखंडी 38 : पाखंड 89 साधुओं 1071 : सा धुओं 10544 साधु ओं 8580 के साथ जो नाम के लिए कीसी 4 : की सी 401377351284 किसी 69937317795 कैसी 79440 भी हद तक गिर जाते हैं स्वामी जी के योगी होने पर ही सवाल खड़े कर रहे थे जिन्होंने योग का डंका 777 : डंडा 3645 भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में बजाया 2650 : बताया 6482049510 बनाया 166369971 बजा या 8359780 है आज अगर किसी इन्सान से पूछा जाए कि क्या वो योग के बारे में कैसे जानता है तो उसका जवाब स्वामी रामदेव होगा वो उस व्यक्ति पर दोष लगा कर खुद को ही छोटा दिखा रहे थे क्या चाँद की तरफ मुह 116 : मुंह 330156 मुख 96250 मुँह 90258 करके थूकने 80 : थूक ने 11499150 थू कने 630 रूकने 176 से चाँद मैला 555 : मै ला 4572170 मिला 424720 मसला 2322 हो जाएगा ये सवाल मै उस डोंगी 14 : होंगी 993 ढोंगी 41 सी पूछता हूँ जिसे ये भी नहीं पता कि स्वामी जी हँसते कैसे हैं उनकी दिनचर्या 2136 : दिन चर्या 2615976 क्या है जिसे ये भी नहीं पता की स्वामी जी ने वर्षों से अन्न को त्याग रखा है फिर भी उन्होंने से बार प्रेस कांफ्रेंस 14195 : कि और हर बेतुके 78 : बेतुका 81 सवाल का जवाब देने कि कोशिश क़ी 73 : की 117705054116 कभी 242355 कमी 7028 इसी प्रकार किसी ना किसी चैनल पर कोई ना कोई नेता आरोप लगा रहा था और पत्रकार अपने नैतिक मूल्यों क़ी 73 : की 5725956548 कभी 32314 कमी 3514 दुहाई 2975 : दु हाई 1010604 दे रहा था सवाल ये उठता है की अगर वो निष्पक्ष राय देना ही चाहते हैं तो बहस के लिए दोनों पक्षों को क्यों नही बुलाते 420 : बुला ते 88350 बु लाते 1584 जिससे आम जानता को भी सोचने का मौका मिले एक व्यक्ति आरोप लगता है की स्वामी जी के पास करोड़ों की सम्पति 5400 : सम् पति 13404 है तो उससे ये प्रश्न पूछने वाला कोई नहीं होता की क्या करोड़ों रुपये की आयुर्वेदिक 3640 : आयु र्वेदिक 11712 दवाओं का उत्पादन स्वामी जी कमरे में बैठकर करें और ये सम्पति 450 : सम् पति 13404 स्वामी जी की नहीं बल्कि एक ट्रस्ट की है जो कई तरह से सेवाएँ 816 : सेवाएं 21180 सेवा एँ 3434 दे रही है वो इसका उपयोग अपने परिवार के लिए नहीं करते और अगर ये गलत तरीके से कमाई गई होती तो रात को सोते हुए लोगों पर लाठियां 7140 : बरसाने 528 : बरसा ने 12419082 बरस ाने 3816 वाली सरकार उन्हें यहाँ तक पहुचने 1176 : पहुच ने 10885862 पहुंचने 430440 पहुँचने 19635 देती सच तो ये है की वो अपनी सभी जाँच एजेंसियों से उनकी जाँच करवा चुकी है किन्तु उन्हें मुह 928 : माह 1070136 मुंह 570640 मुँह 38682 की खानी 37400 : खाली 751032 जानी 409590 पानी 195156 पड़ी तब कुछ नेता लोकतंत्र कि दुहाई 17850 : दु हाई 1010604 देने लगे जिन्हें लोकतंत्र कि परिभाषा तक नहीं मालूम और मिडिया 2772 : मीडिया 407375136 के जरिये लोगों को बरगलाने 176 : बरगला ने 613288 बर गलाने 455 कि कोशिश करते दिखे उनका कहना था कि हम जानता के चुने हुए नेता हैं क्या इसका मतलब ये हुआ कि जनता ने उन्हें लूटने 11970 : लूट ने 283952344 लौटने 72064 का अधिकार दे दिया कई वरिष्ट 13 : वरिष्ठ 6085101 नेताओं का कहना तो यहाँ तक था कि स्वामी जी को कोई हक़ 16965 : हक 2995200 नहीं कि वो काले धन को लाने कि मांग करें क्योंकि वो खुद जनता के चुने हुए सांसद है तो उन्हें ही उस पर फैसला करने का हक है मै उस नेता को चैलेंज 696 : करता हूँ कि वो बिना किसी पर्लोभन 1 : प्रलोभन 2208 के एक लाख तो दूर दस हज़ार 749 : हजार 3383829 हार 1963 व्यक्ति इकठे 1 : इक ठे 727 इकठा 9 इकटठे 8 करके दिखा दे जिस लोकतंत्र कि वो दुहाई 4375 : दु हाई 1010604 देते हैं अब जरा उसे समझ लो आईआईटी 177 : आई आईटी 1787505 संयुक्त प्रवेश बोर्ड जेएबी 24 : जे एबी 23800 जेए बी 4208 ने आज यहां एक महत्वपूर्ण बैठक में आईआईटी 11328 : आई आईटी 1787505 जेईई 608 : जे ईई 49000 परीक्षा का पैटर्न 1428 : पै टर्न 4940 एक और वर्ष समान बनाने रखने पर सहमति जताई सूत्रों ने कहा कि बोर्ड ने पिछले साल लागू हुए दो चरणों वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा के नये पैटर्न 1190 : पै टर्न 4940 की विस्तृत समीक्षा की और यह पाया कि इस प्रणाली के करीबी आकलन के लिए इस पैटर्न 4284 : पै टर्न 4940 को एक और वर्ष बनाये रखना चाहिए जेएबी 3 : जे एबी 23800 जेए बी 4208 जेबी 15 में इस प्रमुख संस्थान के विभिन्न परिसरों 186 : परिसर ों 5803 परि सरों 700 के प्रमुख शामिल हैं यह बैठक ऐसे समय हुई है जब यह खबरें हैं कि आईआईटी 42480 : आई आईटी 1787505 में प्रवेश के लिए योग्यता में कुछ बदलाव किया जा सकता है जेएबी 3 : जे एबी 23800 जेए बी 4208 जेबी 15 की आईआईटी 1062 : आई आईटी 1787505 खड़गपुर 18 : खड़ग पुर 324 खडगपुर 20 में सितंबर को फिर से बैठक होने की संभावना है जहां इस मुद्दे पर एक बार फिर चर्चा होगी इस बीच आईआईटी 177 : आई आईटी 1787505 परिषद की बैठक तीन सितंबर को होनी है माना जा रहा है कि आज की बैठक में अगले साल की परीक्षा की तिथियों 1890 : तिथि यों 392522 पर भी फैसला किया गया आईआईटी 177 : आई आईटी 1787505 मुख्य परीक्षा छह अप्रैल तथा आईआईटी 4248 : आई आईटी 1787505 जेईई 912 : जे ईई 49000 एडवांस 2340 : परीक्षा मई को होने की संभावना है आईआईटी 2832 : आई आईटी 1787505 संयुक्त प्रवेश बोर्ड जेएबी 24 : जे एबी 23800 जेए बी 4208 ने आज यहां एक महत्वपूर्ण बैठक में आईआईटी 11328 : आई आईटी 1787505 जेईई 608 : जे ईई 49000 परीक्षा का पैटर्न 1428 : पै टर्न 4940 एक और वर्ष समान बनाने रखने पर सहमति जताई सूत्रों ने कहा कि बोर्ड ने पिछले साल लागू हुए दो चरणों वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा के नये पैटर्न 1190 : पै टर्न 4940 की विस्तृत समीक्षा की और यह पाया कि इस प्रणाली के करीबी आकलन के लिए इस पैटर्न 4284 : पै टर्न 4940 को एक और वर्ष बनाये रखना चाहिए जेएबी 3 : जे एबी 23800 जेए बी 4208 जेबी 15 में इस प्रमुख संस्थान के विभिन्न परिसरों 186 : परिसर ों 5803 परि सरों 700 के प्रमुख शामिल हैं यह बैठक ऐसे समय हुई है जब यह खबरें हैं कि आईआईटी 42480 : आई आईटी 1787505 में प्रवेश के लिए योग्यता में कुछ बदलाव किया जा सकता है जेएबी 3 : जे एबी 23800 जेए बी 4208 जेबी 15 की आईआईटी 1062 : आई आईटी 1787505 खड़गपुर 18 : खड़ग पुर 324 खडगपुर 20 में सितंबर को फिर से बैठक होने की संभावना है जहां इस मुद्दे पर एक बार फिर चर्चा होगी इस बीच आईआईटी 177 : आई आईटी 1787505 परिषद की बैठक तीन सितंबर को होनी है माना जा रहा है कि आज की बैठक में अगले साल की परीक्षा की तिथियों 1890 : तिथि यों 392522 पर भी फैसला किया गया आईआईटी 177 : आई आईटी 1787505 मुख्य परीक्षा छह अप्रैल तथा आईआईटी 4248 : आई आईटी 1787505 जेईई 912 : जे ईई 49000 एडवांस 2340 : परीक्षा मई को होने की संभावना है दो वर्ष पूर्व तक स्वामी रामदेव जी एक योगी थे और अति आदरनीय 1 : आदर नीय 9744 आदरणीय 107 जीवन व्यतीत कर रहे थे आम आदमी से लेकर खास आदमी और नेता से लेकर अभिनेता तक उनके प्रशंशक 2 : प्रशंसक 5652 प्रशंशा 5 प्रसंशक 5 और अनुयायी 1968 : थे अगर वो चाहते तो इसी तरह जिंदगी गुजार 6955 : गुजर 19824 सकते थे जैसा की कुछ अभिनेताओं 1064 : अभि नेताओं 317576 अभिनेता ओं 15500 और नेताओं का कहना है की हर किसी को अपना काम करना चाहिए जो शायद ये भूल गये हैं कि अगर आज़ादी 1449 : आजादी 317856 आबादी 22198 से पहले हर इन्सान यही सोचता तो आज भी हम गुलामी की जंजीरों 10200 : में जकड़े 448 : जुड़े 810428 पकड़े 10881 कड़े 1624 होते क्योंकि गाँधी जी शायद एक वकील सुबाष 2 : सुभाष 806 सुबान 3 सुबा 3 चंदर 60 : चंद्र 13950 अंदर 2696 चंद 1416 बोस एक प्रोफसर 3 : प्रोफेसर 189040 प्रोफ सर 1830 प्रोफैसर 34 और चंदेर्शेखर 1 : आजाद किसी संस्कृत विधापीठ 1 : विधा पीठ 259434 में पढ़ा रहे होते किन्तु देश को प्यार करने वाले खुद से ज्यादा देश की फ़िक्र 176 : फिक्र 9381 जिक्र 1704 करतें 2484 : करते 236404327 कर तें 584610 करें 15192 हैं अपनी आन बान 49920 : बात 8763898 बाद 3067146 बार 2295454 और शान देश हित में झोक 44 : रोक 5337360 लोक 458766 झुक 97515 कर देते हैं वही स्वामी जी ने भी किया आज की स्थिति भी कुछ कुछ वैसी ही है मुठी 2 : मीठी 2030 मु ठी 217 मुझी 160 भर भ्रष्ट और गद्दार 92 : गद् दार 213 नेता देश को नोच 1680 : सोच 82662 नोट 16164 नो 3370 नोच 3360 : सोच 923658 नोट 26940 कर खा रहें हैं और हर कोई अपना काम कर रहा है वो चाहते भी यही हैं की हर कोई अपना काम करें ताकि कोई उनके काम में बाधा ना बने और उनका काम है देश को लूटना 372 : लूट ना 5383764 लूटने 10431 लौटना 2405 किन्तु जिसके दिल में भारत माता विराजमान हो वो अपनी माँ का इस तरह बलात्कार होते नहीं देख सकता इसी वेदना में स्वामी जी ने देश को वापिस देने की ठानी 2295 : पानी 1170936 यानी 992088 जानी 409590 जो सम्मान उन्हें इस देश से मिला था किन्तु उनसे कुछ गलतियाँ 200 : गलतियां 618 हुई जिनका जिक्र मै अपने अगले ब्लॉग में करूँगा 196 : करूँ गा 115218 करूंगा 2156 कहूँगा 261 तब उन्होंने देश को भ्रष्टाचार् 1 : भ्रष्टाचार 538044804 भ्रष्टाचारी 360 के प्रति जागरूकता अभियान शुरू किया जहाँ उनके साथ लाखों लोग जुड़ते 252 : जुड़ ते 25650 जुड़े 1628 चले गए उस वक्त हमारी मिडिया 231 : मीडिया 33504 टी आर पी और अपने आप को दूसरों से बेहतर बताने की होड़ में लगी थी इसीलिए किसी भी नेशनल चैनल पर उन्हें नहीं दिखया 8 : दिया 314573435000 दिख या 35496912 दिखाया 26068350 गया उसके बाद स्वामी जी ने फ़रवरी 56 : फरवरी 33693902 को विशाल रैली की जिसमें बड़े बड़े विचारकों 1386 : विचार कों 267996 विचारों 22572 ने अपनी राय रखी पर मिडिया 462 : मीडिया 145491120 के लिए ये सब कोई न्यूज़ 284 : न्यूज 1626 न् यूज़ 351 नहीं थी राग शब्द संस्कृत की धातु रंज 31 : रंग 480840 राज 52831 रोज 47081 से बना है रंज् 1 : रंजन 4400 रं ज् 126 रंजक 105 का अर्थ है रंगना 20 : रंग ना 46593396 रंजना 390 रंगा 295 जिस तरह एक चित्रकार तस्वीर में रंग भरकर उसे सुंदर बनाता है उसी तरह संगीतज्ञ 50 : संगीत ज्ञ 8860 मन और शरीर को संगीत के सुरों 5226 : से रंगता 8 : रंग ता 761330 रंगा 767 रंगत 204 ही तो हैं रंग में रंग जाना मुहावरे 1275 : का अर्थ ही है कि सब कुछ भुलाकर 112 : भुला कर 424426860 भु लाकर 990 बुलाकर 281 मगन 1218 : मन 489975 मगर 48470 मौन 23808 हो जाना या लीन 4576 : तीन 6962128 ली 328620 चीन 43110 हो जाना संगीत का भी यही असर होता है जो रचना मनुष्य के मन को आनंद के रंग से रंग दे वही राग कहलाती 12350 : कह लाती 1104636 कहलाता 67797 है हर राग का अपना एक रूप एक व्यक्तित्व होता है जो उसमें लगने वाले स्वरों 3474 : स्वर ों 10178 और लय पर निर्भर करता है किसी राग की जाति इस बात से निर्धारित होती हैं कि उसमें कितने स्वर हैं आरोह 23 : आरोप 3769304 आरोहण 36 का अर्थ है चढना 11 : चढ ना 465120 चलना 31550 चुना 10897 और अवरोह 80 : अवरोध 2898 का उतरना 426 : उतर ना 14383836 उतना 31525 उतरने 428 संगीत में स्वरों 10036 : स्वर ों 10178 को क्रम उनकी ऊँचाई 396 : ऊँ चाई 2786 ऊंचाई 886 निचाई 1 : नि चाई 7420 निभाई 282 निवाई 192 के आधार पर तय किया गया है इसी को आरोह 46 : आरोप 83556 कहते हैं इसके विपरीत ऊपर से नीचे आने को अवरोह 20 : अवरोध 828 अव रोह 44 कहते हैं आरोह 345 : आरोप 129976 अवरोह 1800 : में सातों 828 : सा तों 279416 सालों 30660 सात ों 20951 स्वर होने पर राग सम्पूर्ण जाति का कहलाता है पाँच स्वर लगने पर राग औडव 2 : और छह स्वर लगने पर षाडव 3 : राग कहलाता है यदि आरोह 184 : आरोप 8299896 में सात और अवरोह 480 : अवरोध 828 में पाँच स्वर हैं तो राग सम्पूर्ण औडव 2 : कहलाएगा 60 : कह लाएगा 176514 कहलाए गा 11322 कहला एगा 78 इस तरह कुल जातियाँ 54 : जा तियाँ 32611 जाति याँ 30184 जातियां 87 तैयार हो सकती हैं जिन्हें राग की उपजातियाँ 1 : उप जातियाँ 59562 उपजाति याँ 266 उपजातियां 72 भी कहते हैं साधारण गणित के हिसाब से देखें तो एक थाट 120 : था 1540605120 घाट 261120 काट 48180 के सात स्वरों 35319 : में राग तैयार हो सकते हैं लेकिन कुल मिलाकर कोई डे़ढ़ 1 : डेढ़ 198816 डे़ढ 4 सौ राग ही प्रचलित हैं मामला बहुत पेचीदा 114 : लगता है लेकिन यह केवल साधारण गणित की बात है आरोह 184 : आरोप 107898648 में और अवरोह 480 : अवरोध 828 में भी स्वर होने पर सम्पूर्ण सम्पूर्ण जाति बनती है जिससे केवल एक ही राग बन सकता है वहीं आरोह 92 : आरोप 4149948 में और अवरोग 1 : अव रोग 88088 अवरोध 828 अवरोह 480 में स्वर होने पर सम्पूर्ण षाडव 6 : जाति बनती Elapsed time was 5.1415 seconds